वैश्विक अभिभावक दिवस- एक बच्चे की ज़िंदगी की नींव होते हैं अभिभावक

बच्चे की परवरिश के लिए माता-पिता द्वारा किए गए त्याग के बारे में ध्यान दिलाने वाला यानी पहली जून को इंटरनेशनल पेरेंट्स डे के रूप में जाना जाता है।


पहली जून को प्रत्येक वर्ष ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स यानी वैश्विक अभिभावक दिवस मनाया जाता है। यह दिन परिवार संस्था की मजबूती तथा अभिभावकों की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर अवसर है।

वैश्विक अभिभावक दिवस का मकसद दुनिया भर के माता-पिता और अभिभावकों के उस योगदान को सम्मान देना है, जो वे अपने बच्चों की परवरिश से लेकर उनके बेहतर भविष्य के निर्माण और संस्कार सीखने के लिए करते हैं। 2026 के ‘अंतर्राष्ट्रीय माता-पिता दिवस’ की थीम है, ‘माता-पिता के लिए एक साथ’ (‘Together for Parents’) है। यह थीम बच्चों के पालन-पोषण में माता-पिता की सहायता करने के लिए सामुदायिक सहयोग, उचित संसाधनों और मजबूत समर्थन नेटवर्क के महत्व पर प्रकाश डालती है।

संयुक्त राष्ट्र की ओर से साल 2012 में इस दिन को मनाने की घोषणा की गई थी। यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली ने इस वर्ष दुनिया भर के माता-पिता के त्याग, कड़ी मेहनत, लगन और प्यार को ट्रिब्यूट देने के लिए एक प्रस्ताव पास किया था और तब से, पूरी दुनिया में इंटरनेशनल पेरेंट्स डे मनाया जाता है।

यह दिन रोज़मर्रा की दुनिया में माता-पिता की ज़रूरी भूमिका को दिखाता है। आज की दुनिया में बदलती जीवनशैली और तकनीकी विकास के साथ सामाजिक परिवर्तनों के दौर में अभिभावकों की जिम्मेदारियां पहले की तुलना में और भी ज़्यादा बढ़ गई हैं।

आज के समय में परवरिश को लेकर विशेष रूप से सकारात्मक पालन-पोषण (पॉजिटिव पेरेंटिंग) की अवधारणा को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें समझना, प्रोत्साहित करना और उनकी क्षमताओं के अनुसार आगे बढ़ने में मदद करना है।

पालन पोषण के संबंध में विशेषज्ञों का मानना है कि संवाद, विश्वास और सम्मान पर आधारित संबंध बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए अधिक लाभकारी होते हैं। इससे बच्चों में आत्मसम्मान बढ़ता है और वे अपनी समस्याओं को खुलकर साझा कर पाते हैं।

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