इस वर्ष देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की आमद जल्द होने के संकेत मिल रहे हैं। भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के इस बार समय से पहले आने के प्रबल संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान सागर में इसके अनुकूल हालात बन रहे हैं, जिससे यह सामान्य पहली जून से पहले यानी मई के अंत तक केरल पहुंच सकता है।
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर हर साल पहली जून के आसपास केरल में शुरू पहुँचता है। विभाग ने यह भी बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बन रही हैं।
विभाग द्वारा जारी जानकारी में बताया गया है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण मानसून सामान्य से जल्दी यानी 25-27 मई तक केरल के तट पर पहुँच सकता है। इस सप्ताह के अंत तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मानसून आने की खबर है। अंडमान में यह 16 मई तक सक्रिय हो जाएगा।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में इसके और अधिक प्रभावी होने की संभावना है। विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र कल भी इसी क्षेत्र में था और इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ था।
विभाग ने यूपी और उत्तराखंड में धूलभरी आंधी का अलर्ट दिया है। उत्तर भारत के कुछ हिसे इस समय भीषण गर्मी और आंधी की चपेट में है। राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 48.3 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम के हवाले से उत्तर भारत की बात करें तो आज भी दिल्ली एनसीआर के मौसम में बदलाव साफ देखा जा सकता है। बादलों की आवाजाही से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
साथ ही बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है। तेज हवाओं और बारिश के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम के इस बदलाव के मद्देनज़र किसानों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को भी सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
याद दिला दें कि पिछले साल मानसून दक्षिण अंडमान सागर में 13 मई को पहुंच गया था और 24 मई तक इसने केरलम में दस्तक दे दी थी। यानी दोनों जगह सामान्य समय से करीब एक सप्ताह पहले मानसून का आगमन हुआ था।