नोएडा के मजदूरों का प्रदर्शन रंग लाया और मूल वेतन सहित महंगाई भत्ते की मांग पूरी हुई

उत्तर प्रदेश सरकार ने 13-14 अप्रैल 2026 की देर रात गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में न्यूनतम मजदूरी दरों में 21% तक की तत्काल अंतरिम बढ़ोतरी की घोषणा की है। चार दिनों से नोएडा और ग्रेटर नोएडा मेंचल रहे हिंसक प्रदर्शन के बाद, यह वृद्धि अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों के लिए लागू होगी। ये श्रमिक मूल वेतन और महंगाई भत्ते की मांग कर रहे थे।

नोएडा में चार दिनों से जारी वेतन बढ़ाने की मांग पर श्रमिकों के असंतोष के बाद सरकार ने देर रात न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी कर दी। नए आदेश पहली अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इस तात्कालिक फैसले के बाद आगे व्यापक समीक्षा के साथ वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नोएडा में सोमवार को प्रदर्शन के हालात बेकाबू होने लगे। यहाँ फेज-2 की मदरसन कंपनी से श्रमिकों का प्रदर्शन सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ और देखते-देखते हिंसक हो गया। यह लहर मात्र दो घंटे में पूरे शहर में फैल गई। जिसके नतीजे में अलग-अलग श्रेणियों में अधिकतम करीब तीन हज़ार तक का इजाफा किया गया है।

समस्या के निस्तारण के लिए समिति गठित की गई है। समिति ने नोएडा पहुंचकर शांति व्यवस्था बनाने और स्थिति संभालने के उद्देश्य से आज मंगलवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सभी औद्योगिक इकाइयां बंद करने का आदेश दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, दिन में उभरे श्रमिकों के असंतोष के बाद सरकार ने देर रात न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी कर दी है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में यह प्रदर्शन चार दिन से जारी था। इस बीच श्रमिकों द्वारा सुबह फेज-2 में मदरसंस कंपनी के बाहर पुलिस की गाड़ियों में तोड़-फोड़ सहित कई अन्य वाहनों में आग लगाने की ख़बरें भी सामने आई हैं।

इस बीच पुलिस ने कई स्थानों पर लाठीचार्ज किया। इसके बावजूद सड़क पर उतरे श्रमिकों ने सेक्टर-58, 59, 62, 63 और सेक्टर-84 की कंपनियों में तोड़फोड़ की। सीसीटीवी कैमरे और कांच तोड़ दिए गए। पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी रुके नहीं।

ख़बरों के मुताबिक़, औद्योगिक इलाकों में पुलिस बल तैनात है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सोमवार को शहर में 83 स्थानों पर 42 हजार श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। इनमें दो स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन हुआ। पुलिस का कहना है कि श्रमिक सोमवार सुबह करीब 9 बजे फेज-2 इलाके में वेतन बढ़ाने की मांग प्रदर्शन कर रहे थे।

प्रदर्शन के दौरान जिले में प्रदर्शन के बीच दोपहर में इंटरनेट ठप हो गया था जिसे बाद बहाल किया गया मगर इसकी रफ़्तार सुस्त रही। ख़बरों में कहा गया है कि सोमवार को वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन में नोएडा में 300 से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ व आगजनी की गई। इस दौरान 100 से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, 20 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। झड़पों में 10 पुलिसकर्मियों समेत 30 से अधिक लोग चोटिल हो गए।

हालात को काबू करने के लिए व उद्यमियों के बीच संवाद और औद्योगिक सौहार्द व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए समिति बनाई गई है। समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधि एवं उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधि भी सदस्य हैं। समिति के अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त हैं। अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई), प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन विभाग) और श्रमायुक्त कानपुर इसके सदस्य हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि देर रात उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 11313 से बढ़ाकर 13690 कर दी गई है। अर्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 12445 से बढ़ाकर 15059 की गई है।

कुशल श्रमिकों के लिए मजदूरी 13940 से बढ़ाकर 16868 कर दी गई है। अन्य नगर निगम क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 11313 से बढ़ाकर 13006 की गई है। अर्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 12445 से बढ़ाकर 14306 की गई है। कुशल श्रमिकों की मजदूरी 13940 से बढ़ाकर 16025 कर दी गई है।

अन्य जिलों में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 11313 से बढ़ाकर 12356 की गई है। अर्धकुशल श्रमिकों के लिए यह 12445 से बढ़ाकर 13591 की गई है। कुशल श्रमिकों की मजदूरी 13940 से बढ़ाकर 15224 कर दी गई है। इस तात्कालिक फैसले के बाद आगे व्यापक समीक्षा के साथ वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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