भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने देश के रचनात्मक लोगों को आधार शुभंकर (mascot) डिज़ाइन करने के लिए आमंत्रित किया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 31 अक्टूबर 2025 तक इंट्रीज़ भेजी जा सकती हैं। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य एक ऐसा अनूठा एवं यादगार शुभंकर बनाना है जो आधार के विश्वास, समावेशिता, सशक्तिकरण और डिजिटल नवाचार जैसे मूल मूल्यों को दर्शाता हो। जिसके साथ एक प्रमाण पत्र और एक लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
इस प्रतियोगिता में कोई भी भारतीय नागरिक भाग ले सकता है। इसके लिए व्यक्तिगत या सामूहिक जैसा भी कोई प्रतिबंध नहीं है। प्रत्येक प्रतिभागी एक मौलिक डिज़ाइन, साथ ही अवधारणा और शुभंकर के नाम की व्याख्या करने वाला एक संक्षिप्त नोट के साथ अपनी प्रस्तुति दे सकता है।
प्रस्तुतियाँ केवल MyGov प्रतियोगिता पृष्ठ के माध्यम से स्वीकार की जाएंगी। 31 तारीख तक MyGov पोर्टल खुले रहेंगे। आवेदक MyGov प्रतियोगिता पृष्ठ के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से या एक टीम के रूप में अपने डिज़ाइन प्रस्तुत कर सकते हैं।
नियम
यह प्रतियोगिता सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुली है, चाहे उनकी आयु, लिंग, पेशा या पृष्ठभूमि कुछ भी हो।
व्यक्तिगत और समूह (टीम) दोनों ही पात्र हैं। टीम प्रविष्टि के मामले में, प्रविष्टि एक ही नाम से प्रस्तुत की जानी चाहिए और चयनित होने पर, पुरस्कार नामित प्रतिनिधि को दिया जाएगा।
एक प्रतिभागी (व्यक्तिगत या समूह) केवल एक ही प्रविष्टि प्रस्तुत कर सकता है। एक ही प्रतिभागी की एक से अधिक प्रविष्टियाँ स्वीकार नहीं की जाएँगी।
मंत्रालय ने आगे कहा कि शुभंकर यूआईडीएआई के एक दृश्य राजदूत के रूप में कार्य करेगा, जिससे सभी आयु वर्गों के बीच इसका संचार अधिक प्रासंगिक और आकर्षक बनेगा। प्रतियोगिता का उद्देश्य एक अनूठा और यादगार शुभंकर बनाना है जो आधार के विश्वास, समावेशन, सशक्तिकरण और डिजिटल नवाचार जैसे मूल मूल्यों को दर्शाता हो।











