निवेश को बढ़ावा देने के लिए इस समय उत्तर प्रदेश में 22 देशों के 48 राजदूत और प्रतिनिधि जमा हो रहे हैं। शुक्रवार से रविवार 2 नवंबर तक एकत्रित होंने वाले यह मेहमान एक साथ उत्तर प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। ये डिफेंस कॉरिडोर में किया जा रहा है।

विदेशी मेहमानों के इस तीन दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य उन्हें उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवेश, सांस्कृतिक विरासत और निवेश नीतियों से परिचित कराना है। इस दौरे के आयोजन की ज़िम्मेदारी इन्वेस्ट यूपी को सौंपी गई है, जिसका उद्देश्य नए देशों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करना है।
सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रम
प्रतिनिधिमंडल लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत का दौरा करेगा, जिसमें बड़ा इमामबाड़ा और रूमी दरवाज़ा जैसे ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।
इस दौरे में मेहमान लखनऊ की प्रसिद्ध चिकनकारी कला का आनंद लेंगे और अवधी व्यंजनों का स्वाद चखेंगे।
प्रतिनिधि एक दिवसीय ओडीओपी (एक ज़िला एक उत्पाद) शिल्पग्राम का दौरा करेंगे और राज्य के अनूठे हस्तशिल्प के बारे में जानेंगे।
वे राज्य के युवाओं के कौशल, प्रबंधकीय क्षमताओं और तकनीकी प्रगति का आकलन करने के लिए आईआईएम लखनऊ, एचसीएल सिटी और एकेटीयू का दौरा करेंगे।
इस आयोजन को राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और निवेश के माहौल को ब्रांडिंग करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी पहले ही इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन प्रस्ताव को हरी झंडी दे चुके हैं।
इसी क्रम में इन सैटेलाइट ऑफिसों की स्थापना किए जाने का प्रस्ताव है, जो राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देंगे। प्रत्येक ऑफिस में एक जनरल मैनेजर, एक असिस्टेंट जनरल मैनेजर, दो उद्यमी मित्र, दो एग्जिक्यूटिव और दो ऑफिस असिस्टेंट की टीम कार्य करेगी। सभी पांचों कार्यालयों पर कुल 12 करोड़ रुपये से अधिक की वार्षिक धनराशि व्यय होने का अनुमान है।















