जांच की ज़द में आने वाली 41 कंपनियों ने भाजपा को 2,471 करोड़ का चंदा दिया

इलेक्टोरल बॉन्ड मामले में नए खुलासे होना जारी है। जांच की ज़द में आने वाली 41 कंपनियों की पड़ताल से पता चलता है कि भाजपा को 2471 करोड़ रुपये का चंदा दिया गया है।

जांच की ज़द में आने वाली 41 कंपनियों ने भाजपा को 2,471 करोड़ का चंदा दिया

सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता ने शिकायत में कहा है कि चुनावी बॉन्ड के ज़रिए भाजपा को 1,751 करोड़ रुपये का चंदा दिया गया जबकि इसके बदले में कंपनियों को कुल 3.7 लाख करोड़ रुपये की परियोजना और अनुबंध मिले हैं।

ओडिशा की सत्ताधारी पार्टी बीजू जनता दल को भी 174.5 करोड़ रुपये का चंदा एस्सेल माइनिंग की तरफ से दिया गया है।

ओडिशा की सत्ताधारी पार्टी बीजू जनता दल को सबसे अधिक चंदा आदित्य बिड़ला समूह के स्वामित्व वाली एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज ने दिया है।

बीजू जनता दल को 174.5 करोड़ रुपये देने वाली इस कंपनी ने पिछले वर्षों में कुल 223.5 करोड़ रुपये के कुल बॉन्ड खरीदे। रिकॉर्ड से पता चलता है कि इस कंपनी ने भाजपा को भी 49 करोड़ रुपये का दान दिया है।

शीर्ष अदालत में इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को चुनौती देने वाले सिविल सोसाइटी के सदस्यों का कहना है कि आयकर विभाग, सीबीआई तथा ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों की जांच का सामना कर रहीं इन 41 कंपनियों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से भाजपा को 2,471 करोड़ रुपये दिए हैं।

खुलासे में यह भी बात सामने आई है कि 2,471 करोड़ में से 1,698 करोड़ की राशि इन एजेंसियों के छापे के बाद दी गई है।

कोरोना के दौरान होने वाली मंदी के दौर के बाद कांग्रेस को मिलने वाले चंदे में भी बढ़ोत्तरी की जानकारी मिली है। इस पार्टी को सबसे ज़्यादा चंदा देने वालों में वेदांता ने 125 करोड़ रुपये, वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड 110 करोड़ रुपये तथा एमके जालान समूह की कंपनियों ने 69.35 करोड़ रुपये दिए हैं।

शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने दावा किया है कि कम से कम 30 शेल कंपनियों ने 143 करोड़ रुपये से अधिक के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे हैं। आगे उन्होंने यह भी कहा कि 33 समूहों, जिन्हें सरकार से 172 प्रमुख कॉन्ट्रैक्ट और परियोजना की मंजूरी मिली है, उनके द्वारा भी इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिये ही दान दिया गया है।

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