अपनी एक नई रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने एक गंभीरअसन्तुलन को उजागर किया है। इसके मुताबिक़, यदि प्रकृति की रक्षा के लिए उपायों में एक डॉलर का निवेश हो रहा है, तो उसे बर्बाद करने के लिए 30 डॉलर तक ख़र्च किए जा रहे हैं।

यूएन पर्यावरण कार्यक्रम ने बीते दिन जारी अपनी रिपोर्ट में ऐसे नीतिगत बदलावों पर ज़ोर दिया है, जिनमें प्रकृति को सहेज कर रखने वाले समाधानों का स्तर बढ़ाया जाए और अर्थव्यवस्थाओं को भी मज़बूती मिले।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने प्रकृति आधारित समाधानों को वित्तीय समर्थन की प्रक्रिया में बड़े बदलावों का आग्रह किया है। रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2023 में, प्रकृति के लिए नुक़सानदेह गतिविधियों में 7,300 अरब डॉलर का निवेश हुआ। निजी स्रोतों से प्राप्त होने वाली 4,900 अरब डॉलर की रक़म, ऊर्जा, औद्योगिक क्षेत्र, बुनियादी सामान समेत केवल कुछ ही सैक्टर पर केन्द्रित थी।
यूएन पर्यावरण एजेंसी की कार्यकारी निदेशक इंगेर ऐंडरसन कि यदि आप धनराशि की दिशा पर नज़र रखें, तो आप देखेंगे कि हमारे सामने कितनी बड़ी चुनौती है।उन्होंने चिन्ता जताई कि एक ओर जहाँ प्रकृति-आधारित समाधानों में धीमी प्रगति हो रही है, वहीं नुक़सान की वजह बनने वाले निवेश और सब्सिडी तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
यूएन एजेंसी प्रमुख ने सचेत किया कि या तो हम प्रकृति के विध्वंस में निवेश कर सकते हैं, या फिर उसकी पुनर्बहाली में अपनी सामर्थ्य लगा सकते हैं। “यहाँ बीच का कोई रास्ता नहीं है।”
वर्ष 2023 के आँकड़ों पर आधारित तैयार की गई इस रिपोर्ट में मौजूदा असन्तुलन के आकार को दर्शाया गया है, वहीं भविष्य में इस स्थिति को बड़े स्तर पर बदलने की दृष्टि भी प्रस्तुत की गई है। इसमें कारगर समाधानों और आर्थिक रूप से व्यवहारिक समाधानों के उदाहरण भी साझा किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर-
कंक्रीट की इमारतों और पेड़-पौधों की कमी की वजह से किसी इलाक़े में ऊँचे तापमान से निपटने के लिए शहरी इलाक़ों को हरा-भरा बनाना और आम लोगों के लिए रहन-सहन की गुणवत्ता में सुधार लाना।
सड़क मार्ग और बिजली, ऊर्जा सम्बन्धी बुनियादी ढाँचे का निर्माण करते समय प्रकृति का ध्यान रखना और विशिष्ट ज़रूरतों को उसमें शामिल करना।
नकारात्मक उत्सर्जन करने वाली निर्माण सामग्री का उत्पादन करना
अध्ययन में हानिकारक सब्सिडी और प्रकृति के विध्वंस की वजह बनने वाले निवेश को चरणबद्ध ढंग से हटाने का मार्ग भी सुझाया गया है। साथ ही, प्रकृति के लिए सकारात्मक समाधानों में निवेश का स्तर बढ़ाने के उपाय भी हैं।









