‘बिपारजॉय’ का सामना करने के लिए एनडीआरएफ के 17 और एसडीआरएफ के 12 दल पूरी तरह से तैयार

मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफ़ान ‘बिपारजॉय’ गंभीर रूप ले चुका है और इसके 15 जून दोपहर बाद सौराष्ट्र और कच्छ के तटों को पार कर ने का अनुमान है। ये इलाक़ा जखाऊ बंदरगाह के समीप है। गुजरात राज्य के कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर जिले इस तूफ़ान से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। इस तूफ़ान के जखाऊ बंदरगाह के पास कच्छ में मांडवी और पाकिस्तान के कराची के बीच टकराने की संभावना है।

‘बिपारजॉय’ का सामना करने के लिए एनडीआरएफ के 17 और एसडीआरएफ के 12 दल पूरी तरह से तैयार

मौसम विभाग की ओर से सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के तटीय इलाक़ों के अलावा पोरबंदर और देवभूमि द्वारका जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ के 17 और एसडीआरएफ के 12 दल पूरी तरह से तैयार हैं।

आईएमडी के मुताबिक़ इस दौरान करीब 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने उम्मीद हैं। इन हवाओं के चलते बड़े पैमाने पर तबाही आशंका है। चक्रवात के अनुमानित मार्ग पर गुजरात के कच्छ जिले में सरकार ने एहतियाती कदम उठा लिए हैं। सरकार ने यहाँ अभी तक आठ जिलों में समुद्र के पास रहने वाले तकरीबन 37,800 लोगों को सुरक्षित स्थानांतरित कर दिया है। चक्रवात के प्रकोप से निपटने की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार रात राज्य के सरकारी के इमरजेंसी संचालन केंद्र का दौरा किया।

मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि चक्रवात के आने और कमजोर होने के बाद, इसके उत्तर-पूर्व और दक्षिण राजस्थान की ओर बढ़ने के संकेत मिले है। पूर्वानुमान के मुताबिक़ 15-17 जून तक उत्तर गुजरात में भारी से घनघोर बारिश होने का अनुमान है।

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