11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज दुनियाभर में मनाया जा रहा है। अनुमान है कि इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारत सहित दुनिया भर के करीब 8 लाख स्थानों पर लोग योग करेंगे।

योग दिवस पर इस वर्ष की थीम यानी “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” (Yoga for One Earth, One Health) रखा गया है। इस थीम का मकसद लोगों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देना है।
योग दिवस पर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
इस आयोजन में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों सहित हजारों योग प्रेमियों ने भाग लिया। उनके साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी मंच पर उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया विभिन्न प्रकार के तनाव और अस्थिरता से गुजर रही है। ऐसे में योग हमें शांति की दिशा दिखाता है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को प्रस्ताव रखा था कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया जाए। यह प्रस्ताव 193 देशों के समर्थन और 173 सह-प्रायोजन के साथ 11 दिसंबर 2014 को पारित हो गया।
बताते चलें कि 2015 से हर साल 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब एक वैश्विक आंदोलन का रूप ले चुका है। इससे जुड़कर लाखों लोग शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ मानसिक स्थिरता और आत्मिक संतुलन पाते हैं।
महर्षि पतंजलि को “योग के जनक” के रूप में जाना जाता है। उन्होंने योग सूत्र ग्रंथ की रचना की थी, जिसमें योग के विभिन्न पहलुओं को व्यवस्थित रूप से संकलित किया गया है। यह ग्रंथ योग के आठ अंगों का वर्णन करता है। इनमें यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, और समाधि शामिल है और इसे अष्टांग योग कहा जाता है।
