नसीमुद्दीन सिद्दीकी का आरोप, मायावती ने कहा-मुसलमान गद्दार

naseem siddiqui-sidलखनऊ । नसीमुद्दीन सिद्दीकी का आरोप, मायावती ने कहा-मुसलमान गद्दार. बहुजन समाज पार्टी से कल बाहर किए गए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बसपा प्रमुख मायावती पर गंभीर आरोप लगाए। लखनऊ में अपने घर पर प्रेंस कांफ्रेंस में सिद्दीकी ने मायावती के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को कठघरे में खड़ा किया।
उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से निष्कासित नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि मुझे झूठे आरोप लगाकर पार्टी से निकाला गया। नसीमुद्दीन ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मायावती ने दाढ़ी वाली मुसलमानों को गाली दी। उन्होंने कहा मैंने मायावती को बताया कि गठबंधन के बाद मुस्लिम वोटर कम हुए।
मैंने मायावती को हार के कारणों के बारे में बताया था जिस पर वह नाराज हो गई थीं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद मायावती ने मुझे दिल्ली बुलाकर मायावती ने कहा कि मुसलमान गद्दार है। मुझे दिल्ली बुलाकर मायावती ने पूछा मुसलमानों ने बहुजन समाज पार्टी को वोट क्यों नही दिया। मायावती ने मुझे काफी उल्टा-सीधा कहा, मायावती ने कांशीराम के बारे में जो कहा मैंने उसका विरोध किया था।
नसीमुद्दीन ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मायावती ने मुझसे पैसे की मांग की। पार्टी को 50 करोड़ रुपये की जरूरत है। मैंने कहा कि मैं कहां से लाऊं तो बोलीं अपनी प्रोपर्टी बेच दो। मैंने कहा कि अगर मैं अपनी प्रपर्टी बेच भी दूंगा तो 50 करोड़ का चौथाई भी हो जाए तो बड़ी बात है। मैंने ये भी कहा कि नोटबंदी के बाद अगर प्रोपर्टी बेचूंगा तो भी कैश नहीं मिलेगा, लेकिन पार्टी हित के लिए मैं ये भी तैयार हूं। अपने दोस्तो-रिश्तेदारों से कहा कि कुछ करें। पार्टी के लोगों से कहा कि मेरी प्रोपर्टी बिकवा दो। जब थोड़ा पैसा इकट्ठा हो गया तो मैंने बहनजी को कहा कि पैसा इकट्ठा हो गया है।
मैंने मायावती से कहा कि जिन कांशीराव ने पार्टी की नींव रखी, जिन्होंने आपको राजनीति सिखाई, उनके बारे में आपने गलत बोला। कार्यकर्ताओं को अच्छा नहीं लगा। इस मायावती ने कहा कि मैं तुम्हारे खिलाफ कार्यवाही करूंगी। सिद्दीकी ने कहा कि मायावती ने मेरे और मेरे बेटे पर झूठे आरोप लगाये। मेरे ऊपर अनर्गल आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि सतीश चन्द्र मिश्रा और उनके दामाद की तलाशी क्यों नहीं ली जाती है।
सिद्दीकी ने बयान में कहा है, ‘मैं समझता हूं कि इस निष्कासन से मेरे व मेरे परिवार की और मेरे सहयोगियों की बहुजन समाज पार्टी में 34-35 साल की कुबार्नी का सिला मुझे दिया गया है।
मैंने इस मिशन के लिए और मायावती के लिए खासतौर पर इतनी कुबार्नी दी है, जिसकी मैं गिनती नहीं कर सकता।’ नसीमुद्दीन ने आरोप लगाया, ‘मायावती, उनके भाई आनंद कुमार और सतीश चंद्र मिश्रा द्वारा अवैध रूप से, अनैतिक रूप से और मानवता से परे कई बार ऐसी मांगें की गईं, जो मेरे बस में नहीं थीं.

कई बार मुझे मानसिक प्रताड़ना दी गई, टार्चर किया गया। जिसके पुख्ता प्रमाण मेरे पास हैं। नसीमुद्दीन ने कहा, ‘2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव और 2012 व 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को मायावती की गलत नीतियों के कारण सफलता नहीं मिली। उन्होंने मुसलमानों पर गलत झूठे आरोप लगाए।

उन्होंने कहा, ‘2017 के चुनाव से काफी पहले से मैंने पार्टी के लिए जो प्रयास किए, उसी का नतीजा था कि बसपा को 22 प्रतिशत से अधिक वोट मिले। नहीं तो स्थिति और बदतर होती. शिकस्त के बाद मायवती ने मुझे बुलाया और अपर कास्ट, बैकवर्ड को बुरा-भला कहने के साथ ही खासतौर पर मुसलमानों के लिए अपशब्द कहे, जिसका मैंने विरोध किया था।

 

 

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