हेनली एंड पार्टनर्स प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट के अनुसार, अनुमान है कि अकेले 2025 में कम से कम 9,800 करोड़पति लोगों ने संयुक्त अरब अमीरात की ओर रुख किया है। रिपोर्ट बताती है कि इनमे से अधिकतर ने खासकर दुबई जाना पसंद किया।

2025 को लेकर जताए गए एक अनुमान के मुताबिक़ करीब 16,500 हाई-नेट-वर्थ वाले लोग यूके छोड़ देंगे। यह किसी भी देश से एक साल में अमीर लोगों का सबसे बड़ा पलायन होगा।
खाड़ी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ब्रिटिश करोड़पति आयकर से बचने के लिए संयुक्त अरब अमीरात का रुख कर रहे हैं। ब्रिटेन इस महीने आयकर दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे करोड़पतियों के दुबई जाने का चलन बढ़ रहा है।
खाड़ी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इनमें से बड़ी संख्या में ब्रिटिश नागरिक थे जो लेबर पार्टी के गैर-निवासी दर्जे को समाप्त करने के फैसले से नाखुश थे। कर सुधारों के लागू होने के बाद, अप्रैल में 691 ब्रिटिश करोड़पति संयुक्त अरब अमीरात चले गए। यह संख्या पिछले साल की तुलना में 79% अधिक है।
ऐसे में सवाल उठता है कि असल में कौन लोग यहाँ से मूव कर रहे हैं? इसके जवाब में अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ऐसे तीन मुख्य ग्रुप में रखा जा सकता है।
डिजिटल एंटरप्रेन्योर्स: कंटेंट क्रिएटर्स, कोर्स क्रिएटर्स, और कंसल्टेंट्स जो £150,000+ कमा रहे हैं और जिन्हें एहसास हो गया है कि उनकी इनकम पोर्टेबल है।
ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स: Amazon FBA सेलर्स, Shopify स्टोर ओनर्स, और ड्रॉपशिपर्स जिनके कस्टमर पूरी दुनिया में हैं।
एजेंसी ओनर्स: डिजिटल मार्केटिंग एजेंसियां और ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर्स जो अच्छे वाई-फाई के साथ कहीं से भी काम कर सकते हैं।
रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ये बहुत अमीर लोग नहीं हैं। ये 30 और 40 की उम्र के सफल बिज़नेस ओनर्स हैं जिन्होंने कुछ बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है, और वे अपनी कमाई का आधा हिस्सा टैक्स में देने से थक गए हैं।














