सऊदी अरब ने वर्षों पहले लुप्त हुआ ब्लू डेज़ी नेचुरल रिन्यूअल का प्रतीक बना

सऊदी अरब ने देश के उत्तर-पश्चिम में ग्लोबुलरिया एलीपम नामक एक नीले फूलों वाली झाड़ी को फिर से खोज निकाला है। नीले फूलों वाली यह खूबसूरत झाड़ी किसी दौर में देश के विभिन्न हिस्सों में पाई जाती थी।

सऊदी अरब ने वर्षों पहले लुप्त हुआ ब्लू डेज़ी नेचुरल रिन्यूअल का प्रतीक बना

किंगडम के उत्तर-पश्चिम में एक नाजुक नीले फूल वाली झाड़ी के फिर से मिलने से बायोडायवर्सिटी, कंजर्वेशन और नेचर और साइंस के बीच तालमेल के लिए नई उम्मीद जगी है। सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी पहाड़ों के बीच, दशकों तक गायब रहने के बाद एक दुर्लभ फूल फिर से सामने आया है।

पर्यावरण सलाहकार और राष्ट्रीय वनस्पति कोर विकास एवं मरुस्थलीकरण नियंत्रण केंद्र के पूर्व सलाहकार ओबैद अलूनी के अनुसार, इस पौधे की पुनः खोज के बावजूद, सऊदी अरब अभी भी इसे गंभीर रूप से संकटग्रस्त की सूची में रखता है।

कभी बड़े पैमाने पर पाया जाने वाला यह नाजुक नीला डेज़ी ज़्यादा चराई और ज़मीन खराब होने के कारण गायब हो गया था। इसकी वापसी न केवल एक वैज्ञानिक मील का पत्थर है, बल्कि सऊदी अरब के चल रहे पर्यावरण सुधार का भी एक उत्सव है।

उन्होंने आगे कहा कि इस पौधे के विलुप्त होने का मुख्य कारण जानवरों द्वारा इसका अत्यधिक सेवन है क्योंकि यह पशु आहार के लिए आदर्श है, दूसरा कारण भूमि क्षरण है। उन्होंने पौधे को लेकर बाटी जाने वाली उपेक्षा को इसके गायब होने का तीसरा कारण करार दिया है।

दोबारा मिला यह फूल सऊदी अरब के नेचुरल रिन्यूअल का प्रतीक बन गया है। ग्लोबुलारिया एलीपम (Globularia alypum), जिसे स्थानीय रूप से “ज़ुरैका” या “ऐनोन कुहली” के नाम से जाना जाता है, के दिखने से देश में गर्व और इकोलॉजिकल उम्मीद फिर से जाग उठी है। विश्व स्तर पर इसे ‘ब्लू डेज़ी’ ((ٖblue daisy) कहा जाता है। यह आमतौर पर उत्तरी अफ्रीका, दक्षिणी यूरोप और दक्षिण-पश्चिम एशिया में पाया जाता है। यह पौधा मुख्यतः पहाड़ी और चट्टानी क्षेत्रों में पाया जाता है।

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