दुनियाभर में जितने भी स्मार्टफोन नज़र आते हैं, उनमें एक बात कॉमन है। और यह है इन मोबाईल फ़ोन का आकार। कहीं भी देख लीजिए आयताकार शेप वाले इन मोबाईल के चारों कोने गोल होते हैं।
हम में से कइयों को यह ख़याल आता होगा कि स्मार्टफोन का स्ट्रक्चर रेक्टेंगुलर क्यों होता है? ऐसे में डिजाइन की बात करें तो, चाहे आईफोन हो या कोई और स्मार्टफोन, उन सभी का स्ट्रक्चर हमेशा एक जैसा होता है, यानी रेक्टेंगुलर।
इस पर जमा जानकारी के जायज़ा लें तो पाते हैं कि स्मार्टफोन का स्ट्रक्चर रेक्टेंगुलर होने का एक कारण इसका डिस्प्ले है क्योंकि स्मार्टफोन के इन्वेंशन के समय से ही इसकी स्क्रीन ऐसी ही रही है।
दूसरा कारण यह है कि लंबे और पतले रेक्टेंगुलर फोन को आसानी से जेब या बैग में रखा जा सकता है। इसका एक और महत्वपूर्ण कारण यह है कि रेक्टेंगुलर डिजाइन की वजह से इन डिवाइस पर हमारे हाथों की पकड़ ज़्यादा मज़बूत और सुरक्षित होती है।
एक और वजह में इस बात को भी जोड़ा जा सकता है कि फोन के अंदर की बैटरी भी पतली और रेक्टेंगुलर शेप में होती है।
विडियो और फोटो के अलावा वेबसाइट सहित विभिन्न ऐप्स भी हमेशा आयताकार होते हैं। उदहारण के लिए इन्हें 16:9 या 20:9 वाले फॉर्मेट में ही डिज़ाइन किया जाता है। इससे बैटरी की खपत से लेकर कंटेंट की प्रस्तुति की फिटिंग तक की सुविधा को देखते हुए इसे ही सबसे बेहतर आकार माना गया है।
मान लीजिए कि स्मार्टफोन के कोने नुकीले हों यह देखने में अपेक्षाकृत असुरक्षित महसूस होगा। क्यूंकि गोल कोनों में झटका थोड़ा फैल जाता है और यह टूट-फूट की संभावना को काफी हद तक कम करता है। ऐसे में गिरने पर स्क्रीन या फ्रेम को ज्यादा नुकसान से बचाया जा सकता है।
इस सभी कारणों के आधार पर कह सकते हैं कि आने वाले सालों में स्मार्टफोन के इस डिजाइन में बदलाव की उम्मीद कम है।