मानसून के दौरान होने वाली बारिश की गणना से पता चलता है कि पहली जून से 27 सितंबर तक 846.6 मिमी बारिश हुई। मानसून सीजन में यह बारिश 675.7 मिमी होती है जबकि इसबार होने वाली बारिश का आंकड़ा कहता है कि इस सीजन में सामान्य से 25 फीसद अधिक बरसात हुई है।
बीते चार दिनों की बारिश के बाद प्रदेश में अब मौसम राहतभरा हो रहा है। पूर्वी यूपी में 27 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश और पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त व्यस्त किया। इस बीच बड़े बड़े पैमाने के नुकसान के साथ तापमान में कमी भी हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, अब मानसून का अलविदाई समय है। राज्य में बारिश कम होने की संभावना है जबकि 28 सितंबर को कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इस बीच मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बना दाब क्षेत्र कमजोर होकर आगे बढ़ रहा है।
मौसम विभाग का कहना है कि सितंबर के अंत तक छिटपुट बारिश के बाद अक्टूबर से प्रदेश में मौसम पूरी तरह सामान्य और साफ होने के संकेत मिले हैं। विभाग के मुताबिक़, मानसून कमज़ोर पड़ रहा है और अब बारिश का यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होगा।
हालाँकि कल तक बादलों की हाज़िरी रही मगर सुबह से तेज धूप निकलने से लोगों ने राहत की साँस ली है। मानसून के दौरान लखनऊ में 24 सितंबर तक 661.2 मिलीमीटर बारिश हुई और यह सामान्य बारिश के कोटे 662.8 मिलीमीटर से भी कम थी।
इसके बाद होने वाली बारिश ने 27 सितंबर तक इस आंकड़े को 846.6 मिलीमीटर तक पहुंचा दिया। यह सामान्य से 25 फीसदी अधिक रहा। बताते चलें कि सामान्य बारिश का औसत 675.7 मिलीमीटर है। 24 सितम्बर से लखनऊ में 185.4 मिलीमीटर से अधिक बरसात दर्ज की गई। रिपोर्ट्स की माने तो इस मानसून में होने वाली बारिश सामान्य से 25 प्रतिशत अधिक रही।
हालाँकि आज अच्छी धुप के दर्शन हुए हैं मगर दिन में बादलों की आवाजाही के साथ एक से दो बार बारिश की उम्मीद है। इस बीच अधिकतम तापमान 29 डिग्री व न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहने की संभावना है। अधिकतम आर्द्रता 98 फीसदी जबकि न्यूनतम आर्द्रता 95 फीसदी रही। इस बारिश के कारण प्रदेश में जगह जगह से टूट-फूट, जलभराव, बिजली जाने जैसी समस्याओं के बीच 50 से अधिक लोगों की मौत की भी खबर है।