अब ग्रोक से तस्वीरें बनाना और एडिट करना केवल पेड सब्सक्राइबर्स के लिए ही संभव होगा। एलन मस्क ने अपने इमेज बनाने और एडिटिंग फीचर्स को सीमित करते हुए इसे फ्री यूजर्स के लिए बंद कर दिया है। इन दिनों एलन मस्क के एआई चैटबॉट ग्रोक को लेकर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा है।

दरअसल डीपफेक का इस्तेमाल करके महिलाओं और बच्चों की गलत इमेज बनाने के लिए इसकी कड़ी आलोचना हुई है। इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फीचर का इस्तेमाल ऑनलाइन इमेज को बदलकर उन्हें गलत बनाने के लिए किया जा सकता था, लेकिन इस पर कई देशों से कड़ी प्रतिक्रियाएं आईं और एलन मस्क पर जुर्माना लगाने की धमकी भी दी गई।
बाद में अपने बयान में, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूजर्स को जवाब देते हुए, ग्रोक ने कहा कि इमेज बनाने और एडिटिंग टूल को सिर्फ पैसे देने वाले सब्सक्राइबर तक ही सीमित रखा गया है। इन फीचर्स के लिए सब्सक्रिप्शन की जरूरत होती है।
कई ग्रोक यूजर्स इस फैसले के बाद अब इमेज नहीं बना पाएंगे या एडिट नहीं कर सकेंगे। पैसे देने वाले यूजर्स को इन फीचर्स के लिए क्रेडिट कार्ड डिटेल्स और पर्सनल जानकारी देनी होगी। इस कदम को ब्रिटिश प्राइम मिनिस्टर कीर स्टारर के ऑफिस ने पीड़ितों के लिए अपमान बताया और कहा कि यह समस्या का हल नहीं है।
एक बयान में उन्होंने कहा, “यह कदम एक एआई फीचर को प्रीमियम सर्विस में बदल रहा है जो गैर-कानूनी तस्वीरों की इजाज़त देता है। यह औरतों से नफ़रत करने वाला है और यौन हिंसा के पीड़ितों का अपमान है।”
यूरोपियन यूनियन की एग्जीक्यूटिव एजेंसी ने कहा कि वह हाल के बदलावों पर ध्यान दे रही है। हालांकि, यूरोपियन यूनियन के डिजिटल मामलों के प्रवक्ता, थॉमस रेग्नियर ने साफ किया कि यह असल समस्या का हल नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, “चाहे सब्सक्रिप्शन पेड हो या फ्री, हम ऐसी तस्वीरें नहीं देखना चाहते। हमारी मांग है कि प्लेटफॉर्म अपने सिस्टम को इस तरह से डिजाइन करें कि गलत कंटेंट बनाना मुमकिन न हो।”
इस विवाद के बाद यूरोपियन कमीशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को 2026 के आखिर तक ग्रोक से जुड़े सभी अंदरूनी डॉक्यूमेंट और डेटा को संभालकर रखने का निर्देश दिया है।
एलन मस्क ने पिछले हफ़्ते एक्स पर लिखा था कि जो लोग ग्रोक के ज़रिए गैर-कानूनी कंटेंट बनाते हैं, उन्हें भी वही नतीजे भुगतने होंगे जो गैर-कानूनी कंटेंट अपलोड करने वालों को भुगतने पड़ते हैं।
बताते चलें कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने एक्स को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नुकसानदेह एआई कंटेंट पर काबू नहीं पाया गया तो सख्त कार्रवाई होगी। ब्रिटेन का ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट टेक कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने की अनुमति देता है, जो अरबों पाउंड तक जा सकता है।















