एलपीजी सिलेंडर की कमी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने नया प्रोसेस शुरू किया है। इसके लिए एक सख्त नियम बनाया गया है।
इस नए नियम के तहत अपने सालाना कोटे (12 सिलेंडर) से ज़्यादा रिफिल बुक करने वाले कस्टमर्स को अब मोबाइल ऐप के ज़रिए सीधे गैस एजेंसी को अपनी ज़रूरत का सही कारण बताना होगा।
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, जिन कस्टमर्स ने एक फाइनेंशियल ईयर (1 अप्रैल से 31 मार्च) के अंदर अपने 12 सिलेंडर बुक किए हैं, वे तब तक अपना अगला रिफिल बुक नहीं कर पाएंगे, जब तक वे ‘Hello BPCL’ ऐप पर पूछे गए सवालों के जवाब नहीं देते।
इस प्रक्रिया में ऐप पर सवाल पूछे जाएंगे और सिलेंडर के लिए रिक्वेस्ट करते समय, कस्टमर्स को ऐप में संबंधित जानकारी डालनी होगी। इस जानकारी में पोछे जाने वाले सवाल इस तरह हैं-
मेंबर्स की संख्या: क्या परिवार में 6 या उससे ज़्यादा मेंबर्स हैं?
गेस्ट की जानकारी: क्या घर पर कोई गेस्ट हैं? (संख्या और समय)।
खास मौके: क्या घर में शादी, मंडाण, भंडारा या कोई और सोशल इवेंट है?
अन्य इस्तेमाल: क्या गैस का इस्तेमाल किसी और जायज़ घरेलू काम के लिए हो रहा है?
यह नियम रविवार को गैस एजेंसी संचालकों और कंज्यूमर को बिना पहले से बताए अचानक लागू कर दिया गया। इस नियम के अचानक लागू होने से कंज्यूमर परेशान हैं।
मोबाइल बुकिंग फेल होने के बाद जब उपभोक्ता गैस एजेंसी पहुंचे तो वहां के स्टाफ को भी इसकी जानकारी नहीं थी। बाद में कंपनी के बड़े अधिकारियों से संपर्क करने पर नया प्रोसेस साफ हुआ।
ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के स्टेट सेक्रेटरी आदर्श गुप्ता के मुताबिक, यह नियम ग्रामीण इलाकों के कंज्यूमर और बुजुर्ग कंज्यूमर के लिए मुश्किल है। स्मार्टफोन और ऐप का इस्तेमाल ज़रूरी होने से कीपैड फोन इस्तेमाल करने वाले कंज्यूमर को अब बार-बार एजेंसी जाना पड़ेगा। कंपनी नेएलपीजी सिलेंडर की डिमांड और सप्लाई के बीच बढ़ते अंतर को कम करने और घरेलू गैस के कमर्शियल इस्तेमाल को रोकने के लिए यह डिजिटल स्क्रीनिंग प्रोसेस अपनाया है।