हम में से बहुतों ने जींस की जेब के अंदर एक छोटी जेब को देखा होगा। कुछ ने इसे अनदेखा कर दिया होगा मगर कुछ के दिल में इसको लेकर सवाल उठा होगा कि आखिर इतनी छोटी जेब का क्या मतलब हो सकता है।

हालाँकि अपने छोटे आकार के कारण यह बिल्कुल बेकार लगती है, लेकिन हकीकत इसके उलट है क्योंकि इस जेब को बनाने के पीछे एक बेहद अहम वजह है। दरअसल जींस में इस छोटी सी जेब की शुरुआत का श्रेय अमरीकी डिज़ाइनर लेवी स्ट्रॉस और जैकब डेविस को जाता है। इन दोनों ने साल 1873 में इस छोटी जेब को जींस में लगाने की शुरुआत की थी।
क्योंकि उस समय अमरीका में जींस खरीदने वाले ज़्यादातर लोग मध्यम वर्ग के कामकाजी लोग थे। काम के दौरान यह लोग अपनी घड़ी को जींस में रख सकें इसके लिए यह छोटी सी जेब बनाई गई थी। खासकर यह जेब चरवाहों के लिए बहुत उपयोगी थी। इसे पॉकेट वॉच या घड़ी की जेब नाम से भी जाना जाता है।
बाद में जींस का यह स्टाइल पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया और आज के दौर में, जब जींस में इस छोटी सी जेब की ज़रूरत नहीं रह गई है तब भी इसे अपने पुराने रूप में बरक़रार रखा गया है। आज भी लोग इसे सिर्फ़ जींस के डिज़ाइन को बनाए रखने के लिए इस्तेमाल करना पसंद करते हैं और यही वजह है कि इसका चलन बरक़रार है।
हालाँकि आजकल कुछ लोग इसे सिक्के, छोटी चाबियाँ या फिर यूएसबी ड्राइव जैसी अन्य छोटी वस्तुओं को रखने के लिए करते हैं मगर अभी भी इसे पॉकेट वॉच ही कहा जाता है।









