राजधानी दिल्ली सहित अवध के कई हिस्सों में देर शाम से लेकर रात तक होने वाली बारिश ने मौसम का मिज़ाज बदल दिया है। इसी के साथ तेज़ हवाएं भी जारी रहीं।

बीती शाम और देर रात लखनऊ के अलावा कानपुर सहित कई जिलों में धूल भरी आंधी आई और बारिश हुई। कुछ जिलों में चलने वाली हवाओं की रफ़्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटा थी।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, 22 से 24 मई के बीच प्रदेश में तेज रफ्तार पूर्वा हवा और बूंदाबांदी का विस्तार बढ़ेगा। पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में गरज चमक व छिटपुट बूंदाबांदी होगी।
माैसम विभाग का कहना है कि 30 मई तक इसी तरह रुक रुककर बारिश और आंधी चल सकती है। कहीं-कहीं ओले पड़ सकते हैं।
मानसून पूर्व होने वाली बारिश को प्री मानूसनी बारिश भी कह सकते हैं। इसके अलावा देहाती इलाक़ों में 14 मिमी तक पानी खेतों में भर गया। आंधी से आम की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
विभाग के मुताबिक़, अगले पांच दिन तक ऐसी ही स्थिति रहेगी। गरज-चमक के साथ बादल आएंगे लेकिन उमस बनी भी रहेगी।
बुंदेलखंड के बांदा, झांसी और आसपास गर्म पछुआ हवा चलने से अभी भी लू जैसी परिस्थितियां हैं। यहां तापमान 45 डिग्री या इससे ऊपर बना हुआ है। वहीँ तराई और पूर्वी इलाके में पूर्वा हवाओं के साथ बूंदाबांदी का दौर जारी है।
अरब सागर में बने चक्रवात के असर से मानसून तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं में नमी भी बढ़ रही है। ऐसे में बादलों की आवाजाही और तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
विभाग के मुताबिक़, बृहस्पतिवार को पूर्वी-तराई इलाके के 39 जिलों में तेज रफ्तार हवा चलने और कहीं-कहीं गरज चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में कहीं कहीं 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवा भी चल सकती है।
प्रदेश के कई हिस्सों में बीती रात बिगड़े मौसम के कारण पूरे प्रदेश में 19 लोगों की जान जाने की खबर है।













