रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को चार साल हो रहे हैं। इस बीच अमरीकी थिंक टैंक की एक ताजा रिपोर्ट ने इस युद्ध की भयावहता को जग ज़ाहिर किया है। अध्ययन बताता है कि इतना समय और एक भारी कीमत चुकाने के बावजूद रूस की सैन्य बढ़त धीमी रही है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फरवरी 2022 से जारी इस जंग में अब तक रूस और यूक्रेन दोनों देशों के मिलाकर करीब 20 लाख सैनिक हताहत हो चुके हैं। अमरीकी थिंक टैंक की ओर से प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक़ यूक्रेन पर रूस के लगातार हमले के कारण दोनों देशों के बीच लगभग दो मिलियन सैनिक प्रभावित हुए हैं। इन प्रभावितों में मारे गए लोगों के अलावा घायल या लापता लोग भी शामिल हैं।
वाशिंगटन स्थित सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की जनवरी 2026 की एक रिपोर्ट बताती है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष आधुनिक इतिहास के सबसे घातक संघर्षों में से एक बन गया है।
सीएसआईएस यानी सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के मुताबिक़, इस युद्ध में मॉस्को की सेना को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। 27 जनवरी को जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इस जंग में रूस को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यूक्रेन पर लगभग चार साल पहले हमला करने के बाद से अनुमानित 1.2 मिलियन (12 लाख) हताहतों में से 3,25,000 मारे गए हैं।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से किसी भी युद्ध में किसी भी बड़ी शक्ति को इतने ज्यादा हताहतों या मौतों का सामना नहीं करना पड़ा है। अध्ययन में कहा गया कि इतनी भारी कीमत चुकाने के बावजूद रूस की सैन्य बढ़त बेहद धीमी रही है।
रिपोर्ट में 2026 के लिए अपना दृष्टिकोण पेश करते हुए कहा गया है कि इस युद्ध के खत्म होने की संभावना नहीं है क्योंकि दोनों पक्षों का मानना है कि लगातार लड़ाई से उनकी स्थिति बेहतर हो सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक़, संघर्ष में “रेड लाइन” का लगातार उल्लंघन देखा गया है, जिसमें रूसी बुनियादी ढांचे पर यूक्रेनी हमले बढ़े हैं और रूसी हवाई अभियान जारी हैं। क्रेमलिन ने इन अमरीकी थिंक टैंक रिपोर्ट्स को “भरोसेमंद नहीं” कहकर खारिज कर दिया है, और ज़ोर देकर कहा है कि सिर्फ़ उनके रक्षा मंत्रालय को ही आंकड़े जारी करने का अधिकार है।















