एक अमरीकी नौसेना की पनडुब्बी को तलाशने में सफलता मिल गई है। इस अपनड़ुब्बी के प्रथम विश्व युद्ध के दौरान गुम हो जाने की खबर थी।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमरीकी नौसेना की यह पनडुब्बी वर्तमान में सैन डिएगो के पश्चिम में प्रशांत महासागर में 1,300 फीट की गहराई में स्थित है।रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अमरीकी नौसेना की पनडुब्बी यूएसएस एफ-1 एक युद्ध अभ्यास के दौरान डूब गई, जिसमें 19 नाविक मारे गए।
रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में एक गहरे समुद्र मिशन ने उन्नत उपकरणों का उपयोग करके पनडुब्बी के मलबे का मानचित्रण भी किया है। यह मिशन पायलटों और इंजीनियरों के लिए एक प्रशिक्षण क्रूज के रूप में भी काम कर रहा है।
वुड्स होल ओशनोग्राफिक इंस्टीट्यूशन के ब्रूस स्ट्रिकरूट ने इस मिशन का नेतृत्व किया। यह टीम समुद्र के नीचे लगभग 4 मील की गहराई तक पहुँच सकती है, जहाँ से समुद्र के अधिकांश हिस्से के चित्र और वीडियो बनाए जा सकते हैं।
इस क्षमता के कारण समुद्री मिशन पर मौजूद टीम के लिए पनडुब्बी का सीधे निरीक्षण करना संभव हो पाया। ब्रूस स्ट्रिकरूट की टीम ने पनडुब्बी के मलबे के उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले वीडियो और तस्वीरें भी तैयार की हैं।
गौरतलब है कि सैन डिएगो के तट के पास वर्ष 1917 में एक दुर्घटना में डूबी अमरीकी नौसेना की पनडुब्बी यूएसएस एफ-1 को अब उन्नत गहरे समुद्र की इमेजिंग तकनीकों का उपयोग करके खोजने के बाद पहली बार इसकी क्लोज़-अप तस्वीरें जारी की गई हैं। यह घटना प्रथम विश्व युद्ध के दौरान प्रशिक्षण के समय हुई थी, जिसमें 19 नाविक मारे गए थे। अब इस डूबे हुए जहाज का मलबा सैन डिएगो के समुद्र तल पर स्थित है।















