ऑस्ट्रेलिया में नए कानून के तहत अब ड्यूटी के बाद कर्मचारी बॉस के कॉल या मैसेज का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपने कर्मचारियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए देश में एक नया कानून पेश किया है। इस कानून की जहाँ ट्रेड यूनियनों ने सराहना की है, वहीँ ऑस्ट्रेलियाई उद्योग ने इसे जल्दबाज़ी में लिया गया फैसला बताया है।

ऑस्ट्रेलिया में नए कानून के तहत अब ड्यूटी के बाद कर्मचारी बॉस के कॉल या मैसेज का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में एक नए कानून के तहत कर्मचारी ऑफिस टाइम के बाद अपने बॉस के अनावश्यक कॉल या मैसेज का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं।


ऑस्ट्रेलियाई सरकार के नए कानून की सराहना करते हुए ट्रेड यूनियनों ने इसे वर्किंग लाइफ में संतुलन बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।


ऑस्ट्रेलियन काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस के अध्यक्ष मिशेल ओ’नील ने इस दिन को “ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि अब आस्ट्रेलियाई लोगों को काम के लिए कार्यालय के साथ लगातार संपर्क के दबाव के बिना अपने परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने का अधिकार है

दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई उद्योग ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि कानून में जल्दबाजी की गई है और सरकार ने कार्यालय समय के बाद कर्मचारियों के साथ संपर्क के मुद्दे को भ्रमित कर दिया है।

ऑस्ट्रेलिया में यह नया कानून मध्यम आकार और बड़ी कंपनियों पर आज सोमवार से लागू हो गया है, जबकि 15 से कम कर्मचारियों वाली छोटी कंपनियों के लिए यह कानून अगले साल 26 अगस्त से लागू होगा।

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में लागू होने वाला यह नया कानून कुछ यूरोपीय और लैटिन अमरीकी देशों के कानूनों के समान है। यह कानून सबसे पहले 2017 में फ्रांस में प्रस्तुत किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *