अब कोई भी व्यक्ति अपने परिवार के मृत सदस्य की मृत्यु रिपोर्ट को दर्ज करा सकता है। इसके लिए यूआईडीएआई ने हाल ही में myAadhaar पोर्टल पर इस सेवा की शुरुआत की है।

अब 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में इस नई सेवा के माध्यम से परिवार के सदस्य की मृत्यु की सूचना दर्ज की जा सकती है। इस पोर्टल के माध्यम से मृत व्यक्ति का आधार नंबर, मृत्यु पंजीकरण संख्या और अन्य विवरण दर्ज किए जा सकेंगे। बुधवार को इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इस संबंध में जानकारी दी है।
बाद में सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मृत व्यक्ति का आधार नंबर निष्क्रिय करने की कार्रवाई की जाती है। हालाँकि योजना अभी 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू की गई है मगर जल्द ही इसे शेष राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को इस पोर्टल से जोड़ने का काम जारी है।
डिजिटल पहचान वाले आधार को कभी किसी अन्य व्यक्ति को पुनः आवंटित नहीं किया जा सकता। ऐसे में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके आधार नंबर का निष्क्रिय किया जाना अत्यावश्यक हो जाता है ताकि उसकी पहचान का गलत उपयोग रोका जा सके। यूआईडीएआई ने हाल ही में इस सेवा की शुरुआत की है।
हाल ही में यूआईडीएआई ने भारत के महापंजीयक (आरजीआई) से आधार नंबरों से जुड़े मृत्यु रिकॉर्ड साझा करने का अनुरोध किया था। आरजीआई ने अब तक 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) के माध्यम से लगभग 1.55 करोड़ मृत्यु रिकॉर्ड प्रदान किए हैं।
गौरतलब है कि अबतक उचित सत्यापन के बाद करीब 1.17 करोड़ आधार नंबरों को निष्क्रिय किया जा चूका है। गैर-सीआरएस राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ भी इसी तरह की प्रक्रिया जारी है। अब तक लगभग 6.7 लाख मृत्यु रिकॉर्ड प्राप्त हो चुके हैं, और उन्हें निष्क्रिय करने का कार्य प्रगति पर है।







