रविवार को राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और देश में बनी चीज़ों को प्राथमिकता देना ज़रूरी है। साथ ही उन्होंने 22 सितंबर से लागू हो रही जीएसटी की नई दरों को ‘अगली पीढ़ी के सुधार’ बताया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधारों से जनता और व्यापारियों को फायदा होगा। नई जीएसटी दरों के लागू होने से रोज़मर्रा की वस्तुएँ और खाने-पीने की चीज़ें सस्ती होंने के साथ उन्होंने “गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, किसान, महिलाएं और व्यापारी” वर्ग के लिए इसे लाभकारी बताया है।
सुधार को एक सतत प्रक्रिया बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे समय बदलता है और देश की जरूरतें बदलती हैं, अगली पीढ़ी के सुधार भी उतने ही जरूरी हैं। ये नए जीएसटी सुधार देश की वर्तमान ज़रूरतों और भविष्य के सपनों को ध्यान में रखते हुए लागू किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नए स्वरूप में अब केवल 5% और 18% के टैक्स स्लैब होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन वस्तुओं पर पहले 12% टैक्स लगता था, उनमें से 99% वस्तुएं अब 5% टैक्स के दायरे में आ गई हैं। दूसरी तरफ कई विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं कि जीएसटी में फैली अनियमितताओं में सुधार बहुत देर से आया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकतर रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएंगी। खाने-पीने की चीज़ें, दवाइयां, साबुन, ब्रश, पेस्ट, स्वास्थ्य और जीवन बीमा, ऐसी कई सामान और सर्विसेज या तो कर-मुक्त होंगी या फिर केवल 5% टैक्स देना होगा। उन्होंने कहा कि जिन वस्तुओं पर पहले 12% टैक्स लगता था, उनमें से 99% वस्तुएं अब 5% टैक्स के दायरे में आ गई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस संबोधन में पुराने टैक्स जंजाल की तुलना करते हुए बताया कि “पहले बेंगलुरु से हैदराबाद सामान भेजना यूरोप से भेजने जितना कठिन था। उनके मुताबिक़, अब जीएसटी दरों में बदलाव से व्यापार आसान होगा और इनकम टैक्स व जीएसटी में छूट जोड़कर देशवासियों को 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत का अवसर मिलेगा।
वहीँ दूसरी तरफ कई विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं कि जीएसटी में फैली अनियमितताओं में सुधार बहुत देर से आया। साथ ही उनका यह भी कहना है कि जीएसटी में हुआ सुधार एक आवश्यक क़दम था, लेकिन इसे उठाने में केंद्र सरकार ने बहुत देर की है।
इन सबके बीच त्योहारों के मौसम की शुरुआत के साथ करीब 413 उत्पादों की कीमतें घटने से लोगों को राहत मिलने की बात कही जा रही है। आइए एक नज़र डालते हैं कि कौन-कौन से बदलाव हुए, किसे फायदा होगा, कौन नुकसान झेलेगा, किन-किन चीजों पर 40 फीसदी टैक्स लगेगा, क्या सस्ता होगा और किस सामान की कीमत बढ़ेगी।
रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं में जीएसटी की नई दरों के साथ दवाई सहित व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पॉलिसी, गाड़ियों, एसी, टीवी और फ्रिज जैसे सामान सस्ते हुए हैं। खेती-किसानी के लिए जरूरी कृषि उपकरणों के दाम भी कम हुए हैं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमें आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलना ही होगा और भारत को आत्मनिर्भर बनाने का बहुत बड़ा दायित्व हमारे एमएसएमईएस (MSMEs) पर भी है।
आगे उन्होंने कहा- ‘हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है… हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है। पीएम ने कहा कि देश की स्वतंत्रता को जैसे स्वदेशी के मंत्र से ताकत मिली… वैसे ही देश की समृद्धि को भी स्वदेशी के मंत्र से ही शक्ति मिलेगी।’













