बीती रात आसमान में इस साल का सबसे बड़ा और चमकीला ‘बीवर सुपरमून’ नजर आया। चांद इस दौरान सामान्य से 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चमकदार था। धरती से सबसे करीब यह 2025 का दूसरा सुपरमून था।

आसमान में साल का सबसे बड़ा और चमकीला चांद बुधवार की रात दिखाई दिया, जिसे ‘बीवर सुपरमून’ नाम दिया गया। गुज़री रात इस चांद की रोशनी और आकार सामान्य फुल मून से कहीं ज्यादा था। इस आकाशीय नज़ारे का कुदरत प्रेमियों ने भरपूर आनंद लिया।
भारत में यह सुपरमून शाम 6 बजकर 49 मिनट पर अपने चरम पर था। मौसम साफ रहने पर इसे लखनऊ सहित दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और चंडीगढ़ शहरों में बिलकुल साफ देखा गया।
इस साल का सबसे नजदीकी फुल मून होने के साथ ही यह 2025 का दूसरा सुपरमून भी रहा। इस समय चांद धरती से करीब 3,57,000 किलोमीटर की दूरी पर था जो इसके औसत फासले से लगभग 17,000 मील नजदीक है।
बताते चलें कि सुपरमून उस समय बनता है जब चांद अपनी कक्षा में परिक्रमा करते हुए पृथ्वी के सबसे समीप आता है और उसी समय पूर्णिमा होती है। इस स्थिति में चांद लगभग 14 प्रतिशत बड़ा नज़र आने के साथ 30 प्रतिशत अधिक चमकीला नज़र आता है।
बीवर सुपरमून के दौरान चांद की चमक और आकार दोनों ही बड़े दिलकश नज़र आ रहे थे। बताते चलें कि ‘बीवर मून’ नाम उत्तरी अमरीका की पुरानी परंपराओं से जुड़ा है। दरअसल वहां नवंबर के महीने में बीवर नामक जानवर अपने घर और बांध सर्दियों से पहले तैयार करते हैं। इसी प्रथा को ध्यान में रखते हुए इस फुल मून को बीवर मून नाम दिया गया है।
यह नामकरण नेटिव अमेरिकन जनजातियों और शुरुआती यूरोपीय बसने वालों ने किया था, जो हर फुल मून को मौसम या प्राकृतिक गतिविधि के आधार पर अलग-अलग नाम देते थे, ताकि साल के मौसम और घटनाओं को याद रखा जा सके।








