फ़्रांस और रूस के राष्ट्रपति ने इज़रायली हमले पर तत्काल विराम का आह्वान किया है

रूसी राष्ट्रपति का कहना है कि फिलिस्तीनियों के साथ ऐतिहासिक अन्याय खत्म होने तक मध्य पूर्व में शांति की स्थापना संभव नहीं है। इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने एक बार फिर गाजा और लेबनान में तत्काल युद्धविराम का आह्वान करते हुए कहा कि मध्य पूर्व में शांति की स्थापना से दुनिया में स्थिरता आएगी।

फ़्रांस और रूस के राष्ट्रपति ने इज़रायली हमले पर तत्काल विराम का आह्वान किया है

ब्रिक्स शिखर सम्मलेन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि फिलिस्तीनी लोगों के साथ ऐतिहासिक अन्याय हो रहा है, जिसे अब दुरुस्त करने का समय आ गया है।

फ्रांस के राष्ट्रपति का कहना है कि यदि लेबनान पर इज़रायली हमले नहीं रुके तो विस्थापन की स्थिति बदतर हो जाएगी और दर्दनाक मानवीय संकट पैदा हो जाएगा।


रूसी राष्ट्रपति पुतिन का कहना है कि फिलिस्तीनी लोगों के साथ ऐतिहासिक अन्याय हो रहा है जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का कहना है कि यदि हमले नहीं रुके तो दर्दनाक मानवीय संकट पैदा हो जाएगा।


अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कज़ान में आयोजित “ब्रिक्स” शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि मध्य पूर्व में तब तक शांति स्थापित नहीं हो सकती जब तक कि फिलिस्तीनियों के साथ वर्षों से हो रहा अन्याय समाप्त नहीं हो जाता।

इजरायल का नाम लिए बिना रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि एक न्यायसंगत विश्व व्यवस्था को उन विश्व शक्तियों द्वारा अवरुद्ध किया जा रहा है जो हर चीज पर कब्जा करने के तर्क के साथ सोचने और कार्य करने की आदी हो गई हैं।

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि गाजा में 40,000 से अधिक मानव जीवन ख़त्म गए हैं, ईरान और इज़रायल के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है और अब युद्ध का प्रसार लेबनान तक फैल गया है।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि गाजा, ईरान और लेबनान में युद्ध की स्थितियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं, जिससे पूरा मध्य पूर्व भयानक युद्ध के कगार पर आ गया है।

दूसरी तरफ फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने सुझाव दिया है कि संयुक्त राष्ट्र संकल्प 1701 के आधार पर युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सकता है। उनका कहना है कि दुनिया कोई बड़ा युद्ध बर्दाश्त नहीं कर सकती है।

बताते चलें कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन रूस के संघीय राज्य तातारस्तान की राजधानी कज़ान में हो रहा है, जिसमें चीन के राष्ट्रपति सहित अन्य 9 सदस्य देशों के प्रमुख या प्रतिनिधि शरीक हुए।

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