अब चिट्ठी की जगह इंटरनेट और मोबाइल फोन ने ले ली है। आज की नस्ल के लिए चिट्ठी शब्द वर्तमान से ज़्यादा अतीत से जुड़ा हुआ है। इक्कीसवीं सदी की चौथाई उम्र भी गुज़र गई और संवाद ने व्हाट्सएप, ईमेल जैसे माध्मम को अपना लिया।

डाक विभाग के अनुसार, रजिस्टर्ड डाक की मांग लगातार घट रही है। डिजिटल सेवाओं, ईमेल और निजी कूरियर कंपनियों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण लोग अब पारंपरिक डाक सेवाओं का कम इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय डाक विभाग ने एक बड़ा ऐलान किया है। डाक विभाग अब अपनी रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा को बंद करने की योजना बना रहा है। यह फैसला पहली सितंबर, 2025 से प्रभावी होगा।
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि साल 2011-12 में पंजीकृत डाक सेवा के माध्यम से भेजे गए पार्सल की संख्या 24.44 करोड़ थी, जो 2019-20 में घटकर 18.46 करोड़ रह गई। इस गिरावट को देखते हुए, डाक विभाग ने रजिस्टर्ड पोस्ट को स्पीड पोस्ट में विलय करने का फैसला किया है।
आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भारतीय डाक की ओर से लिखी गई पोस्ट में कहा गया है- “मैं अब भी यहां हूं और हमेशा रहूंगा! भारतीय डाक समय के साथ विकसित हो रहा है, लेकिन कुछ चीजें हमेशा वैसी ही रहेंगी। हमने पीढ़ियों से प्यार, ख़बरें और कहानियां पहुंचाई हैं… और जानते हैं क्या? हमारे लाल लेटर बॉक्स कहीं नहीं जा रहे। ये जुड़ाव, यादों और उन खास पलों का प्रतीक हैं। कल भी, आज भीन और हमेशा भी।अपने हाथों से लिखित पत्र भेजते रहिए – हम आपके लिए मौजूद हैं।”
बताते चलें कि भारतीय डाक की रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा पांच दशक से ज़्यादा पुरानी है। विभाग इस सेवा को स्पीड पोस्ट के साथ मिलाने की योजना बना रहा है। ऐसा करके डाक विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली को तेज, आसान ट्रैकिंग और आधुनिक बनासकेगा।
डाक विभाग ने सभी सरकारी विभागों सहित अदालतों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों को पहली सितंबर से पहले अपनी सेवाओं को स्पीड पोस्ट पर ट्रांस्फर करने का निर्देश दिया है।
इस विलय के साथ ही डाक विभाग की डाक सेवाएं महंगी हो जाएंगी। नतीजे में आम लोगों के लिए डाक सेवाओं की लागत बढ़ जाएगी। स्पीड पोस्ट सेवा 50 ग्राम तक के पार्सल के लिए 41 रुपये से शुरू होती है, जबकि रजिस्टर्ड डाक की कीमत 24.96 रुपये और फिर हर एक्स्ट्रा 20 ग्राम के पार्सल के लिए 5 रुपये है। इस बदलाव के बाद सुविधा में 20 से 25 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हो जाएगा।
डाक विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी में कहा गया है कि स्पीड पोस्ट सेवा में कई अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलेंगी। इसमें ऑनलाइन ट्रैकिंग, रीयल-टाइम डिलीवरी अपडेट, ओटीपी-आधारित डिलीवरी, कैश ऑन डिलीवरी, नियमित उपयोगकर्ताओं के लिए क्रेडिट सुविधा, बड़े पोस्टल ऑर्डर पर छूट और कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए नेशनल अकाउंट सुविधा शामिल होगी।









