यूएस स्पेस एजेंसी नासा ने कन्फर्म किया है कि अगस्त 2027 में सदी का सबसे दुर्लभ और सबसे लंबा सूर्य ग्रहण होगा। यह अनोखा खगोलीय नज़ारा सोमवार 2 अगस्त 2027 को रात 10:06 बजे यूनिवर्सल टाइम (UTC) पर शुरू होगा।

इस बार यह ग्रहण यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम एशिया के बड़े शहरों में दिखाई देगा। इसे लाखों लोग आसानी से देख पाएंगे। भारत में भी इस ग्रहण का आंशिक नजारा देखने को मिलेगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण 2 अगस्त 2027 का आंशिक ग्रहण दोपहर 15:34 से शाम 17:53 तक रहेगा। गुजरात के पिपर शहर से आंशिक ग्रहण का सबसे अच्छा नजारा देखने को मिलेगा, जिसकी अवधि 1 घंटा 46 मिनट होगी।
खगोलविदों ने इसे सदी का ग्रहण कहा है। नासा के मुताबिक, इस सूर्य ग्रहण के दौरान चांद की परछाई नॉर्थ अफ्रीका, यूरोप और मिडिल ईस्ट के अलग-अलग इलाकों से गुज़रेगी। मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, स्पेन, सऊदी अरब, यमन, सोमालिया के साथ-साथ हिंद महासागर और अटलांटिक महासागर में भी पूरा अंधेरा साफ़ दिखाई देगा।
नासा का कहना है कि 2027 का सूर्य ग्रहण 6 मिनट और 23 सेकंड तक चलेगा, जो 1991 और 2009 के ग्रहणों के बाद इतिहास का सबसे लंबा ग्रहण होगा। नासा कि तरफ से मिली जानकारी में यह भी कहा गया यह ग्रहण (6 मिनट 23 सेकंड) अब तक के सबसे लंबे सूर्य ग्रहणों में से एक होगा। खगोलविदों का कहना है कि सैद्धांतिक रूप से सूर्य ग्रहण 7 मिनट 32 सेकंड तक चल सकता है लेकिन 2027 का ग्रहण इस अधिकतम सीमा के बहुत करीब होगा। इतना लंबा ग्रहण इसके बाद साल 2114 तक नहीं होगा।
जब सूरज, चांद और पृथ्वी एक सीध में आते हैं, तो सूरज की रोशनी कुछ देर के लिए चांद से पूरी तरह रुक जाती है, जिससे सूरज एक चमकते हुए हीरे के छल्ले जैसा दिखता है, और टेम्परेचर काफी कम हो जाता है।













