हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में से ‘दो बीघा जमीन’ को वेनिस फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। 82वां वेनिस फिल्म महोत्सव 27 अगस्त से 6 सितंबर तक चलेगा।

साल 1953 में बिमल रॉय के निर्देशन में बनी ‘दो बीघा जमीन’ को वेनिस क्लासिक्स सेक्शन के तहत चुना गया है। अब इस फिल्म के पुनर्स्थापित 4के वर्जन वेनिस फिल्म महोत्सव में दिखाया जाएगा।
इसका अंग्रेजी शीर्षक ‘टू एकर्स ऑफ लैंड’ है। वेनिस फिल्म फेस्टिवल में इसके साथ कई दूसरी फिल्में भी चुनी गई हैं। फिल्म की स्क्रीनिंग रॉय के बच्चों रिंकी रॉय भट्टाचार्य, अपराजिता रॉय सिन्हा और जॉय बिमल रॉय की तरफ से की जाएगी। इन लोगों के साथ फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के निदेशक, शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर भी सम्मिलित होंगे।
फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ को वेनिस फिल्म फेस्टिवल के लिए चुने जाने पर जाने माने गीतकार और फिल्ममेकर गुलजार ने इस एलान का स्वागत किया है। उन्होंने फिल्म को ‘ऐतिहासिक’ बताया है।
बताते चलें कि फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ एक गरीब किसान की बदहाली की कहानी है जो औद्योगीकरण से टक्कर लेता दिखाया गया है। यह फिल्म रवींद्रनाथ टैगोर की बंगाली कविता ‘दुई बीघा जोमी’ और संगीतकार सलिल चौधरी द्वारा लिखित लघु कहानी ‘रिक्शावाला’ पर आधारित थी। फिल्म में प्रमुख किरदार बलराज साहनी, निरूपा रॉय और मीना कुमारी ने निभाए थे।
बताते चलें कि इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फिल्म और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिल चुका है। ‘दो बीघा जमीन’ 1954 में कान फिल्म महोत्सव में प्रिक्स इंटरनेशनल जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म थी। इसे कार्लोवी वैरी अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी सम्मान मिला।












