लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले मुसाफिरों का सफर अलगे दो महीने में बेहद आसान होने वाला है। लखनऊ में बनाए जा रहे एलिवेटेट रूट का काम पूरा होने वाला है। इस 18 किमी लंबे रस्ते की बदौलत अब लखनऊ कानपुर का सफर महज़ 40 मिनट में पूरा हो सकेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी से पता चला है कि कानपुर एक्सप्रेसवे अगले दो महीनों में तैयार हो जाएगा। इसके करीब 45 किमी लंबे ग्रीन फील्ड वाले भाग का निर्माण तकरीबन पूरा हो रहा है। लखनऊ में भी 18 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रूट का 98 प्रतिशत काम हो चुका है।
अभी लखनऊ से कानपुर की दूरी करीब 95 किमी है। एक्सप्रेस वे के इस निर्माण के अगले चरण में जब स्कूटर इंडिया चौराहे के समीप एचटी लाइन के टॉवर की शिफ्टिंग के बाद एलिवेटेड रूट को कानपुर रोड से जोड़ दिया जाएगा, तब यह सफर महज 40 मिनट में पूरा हो सकेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य दिसंबर तक एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक चल सकेगा। स्कूटर इंडिया के समीप एचटी लाइन के दो टॉवर के कारण एलिवेटेड रूट को कानपुर रोड से जोड़ने में अभी दिक्कत आ रही थी। फिलहाल पावर कॉरपोरेशन एक टॉवर शिफ्ट कर है और दूसरा टॉवर भी शिफ्ट करने की तैयारी है। जिससे एनएचएआई एलिवेटेड रूट को कानपुर रोड से कनेक्ट किया जा सकेगा।
साथ ही 67 किमी वाले रैपिड रेल कॉरिडोर योजना से भी यात्रियों को राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार के मीडिया सेल के अनुसार, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने पिछले सप्ताह इस संबंध में आदेश जारी किए और केंद्र सरकार के साथ-साथ एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक को प्रारंभिक रिपोर्ट भेज दी थी।
इसके लिए करीब 67 किलोमीटर लंबे इस रैपिड रेल कॉरिडोर का मार्ग तय कर लिया गया है। इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने और तकनीकी सर्वे का रास्ता भी साफ हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस रैपिड रेल की रफ्तार करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। यह लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से शुरू होकर वाया उन्नाव कानपुर तक जाएगी।
गौरतलब है कि पुराने सड़क मार्ग से लखनऊ से कानपुर की दूरी लगभग 91 किलोमीटर थी और इसे तय करने में ढाई से तीन घंटे लगते थे। वहीँ नए एक्सप्रेस-वे से यह दूरी लगभग 35 मिनट में तय की जा सकेगी और यात्रा में लगने वाला समय भी घट कर”चौथाई” रह जाएगा।













