केवल आधिकारिक पोर्टल और ऐप से लें निशुल्कसेवा: ईपीएफओ की सलाह

ईपीएफओ यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने करोड़ों सदस्यों को सतर्क करते हुए कहा है कि किसी भी अनधिकृत एजेंट, साइबर कैफे या फिनटेक कंपनियों की मदद से बचें।

केवल आधिकारिक पोर्टल और ऐप से लें निशुल्कसेवा: ईपीएफओ की सलाह

इन सदस्यों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की तरफ से स्पष्ट दिशानिर्देश दिया गया है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल या UMANG ऐप का उपयोग करें। यूजर-फ्रेंडली बनने के पारदर्शी और बेहतर सेवाएं देने के लिए ईपीएफओ ने हाल के महीनों में कई सुधार किए हैं।

इन सुधारों में KYC सुधार और सदस्य विवरण सुधार को आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से सरल बनाया गया है। अब ज्यादातर मामलों में प्रोफाइल सुधार के लिए न तो नियोक्ता और न ही EPFO से मंजूरी लेनी होती है।

सभी डिजिटल सेवाएं, जिनमें दावा दायर करना, खाते से पैसे निकालना, प्रोफाइल या KYC अपडेट करना और शिकायत दर्ज करना को EPFO ने पूरी तरह नि:शुल्क रखते हुए इसे सुरक्षित और घर बैठे ऑनलाइन बनाया है।

ईपीएफओ का कहना है कि सदस्य किसी अनधिकृत एजेंट या संस्था के झांसे में न आएं। ऐसा करने पर उनका व्यक्तिगत व वित्तीय डेटा की गोपनीयता का खतरा है साथ ही सदस्यों की निशुल्क सुविदा के लिए एजेंटों को भरी शुल्क अदा करना पड़ता है।

दरअसल पिछले दिनों देखे गए कुछ ऐसे ही मामलों पाया गया कि कुछ निजी एजेंट इन निःशुल्क सेवाओं के बदले में लोगों से भारी शुल्क वसूल रहे हैं, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि सदस्यों की जानकारी की गोपनीय भी बनी नहीं रह पा रही थी।

इन सबके साथ अब एक लाख रुपए तक के अग्रिम दावों को ऑटो सेटलमेंट सुविधा में लाया गया है। जिससे बीमारी, मकान, विवाह और शिक्षा जैसे मामलों में में इस सुविधा के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 2.34 करोड़ दावे ऑटो मोड में निपटाए गए। साथ ही, 15 जनवरी 2025 से ट्रांसफर क्लेम प्रक्रिया को सरल बनाते हुए नियोक्ता की मंजूरी की अनिवार्यता हटा दी गई है।

एक और बड़े बदलाव के तहत ईपीएफओ ने UMANG ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी के जरिए UAN जारी और सक्रिय किए जाने की व्यवस्था की है। इससे सदस्य तुरंत पासबुक देख सकते हैं, KYC अपडेट कर सकते हैं और क्लेम दायर कर सकते हैं।

क्योंकि अप्रैल 2025 से बैंक खाता विवरण जोड़ने के लिए भी नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता हटा दी गई है। ऐसे में दावा प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए अब चेक लीफ या बैंक पासबुक की इमेज अपलोड करने की जरूरत नहीं है।

ईपीएफओ से मिली जानकारी के मुताबिक़, साल 2024-25 में EPFiGMS पोर्टल पर 16,01,202 और CPGRAMS पोर्टल पर 1,74,328 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 98 फीसद शिकायतों का समाधान समयबद्ध तरीके से किया गया। सदस्य ईपीएफओ की शिकायत निवारण प्रणाली का उपयोग कर सकते हैं और किसी भी समस्या के लिए निकटतम क्षेत्रीय कार्यालय या ईपीएफओ हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं। ईपीएफओ की वेबसाइट है- www.epfindia.gov.in

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