क्या आप आज अपना समय बचाकर भविष्य में उसका उपयोग करना चाहेंगे? अगर हाँ, तो इसके लिए टाइम बैंक एक वास्तविकता बन रहे हैं। दुनिया भर में आबादी का एक बड़ा हिस्सा वृद्ध हो रहा है। इस तथ्य के आधार पर स्विस सरकार ने वृद्धों की देखभाल के लिए एक टाइम बैंक शुरू किया है।

आज दुनिया में 10 में से 1 व्यक्ति 65 वर्ष से अधिक आयु का है। यह अनुपात 2050 तक बढ़कर 6 में से 1 हो जाएगा, जिसका अर्थ है कि हमें वृद्धों की देखभाल करने वालों की अधिक आवश्यकता होगी, टाइम बैंक जैसा मॉडल इस आवश्यकता को पूरा करने का एक संभावित समाधान हो सकता है। इस मॉडल के तहत, स्विस सरकार ने वृद्धों की देखभाल के लिए एक टाइम बैंक शुरू किया है।
स्विट्जरलैंड में लोग समय बचा रहे हैं ताकि भविष्य में उसका उपयोग कर सकें। यानी युवा स्वेच्छा से वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल करते हैं, और इस सेवा में बिताया गया समय उनके सामाजिक सुरक्षा खाते में जमा हो जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, जब ये युवा स्वयंसेवक स्वयं वृद्ध हो जाते हैं और उन्हें मदद की आवश्यकता होती है, तो वे संचित समय का उपयोग युवा स्वयंसेवकों से देखभाल प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं।
स्विस संघीय सामाजिक बीमा कार्यालय और सेंट गैलन नगरपालिका सरकार द्वारा शुरू किया गया यह सिस्टम स्वयंसेवी देखभाल को प्रोत्साहित करता है। इस्सके तहत प्रतिभागी निम्नलिखित गतिविधियों में भाग लेते हैं-
- संगति और भावनात्मक समर्थन प्रदान करना
- घर के कामों और भोजन तैयार करने में सहायता करना
- किराने की खरीदारी जैसे काम निपटाना
चीन में भी इसी तरह की एक योजना शुरू की जा रही है।
चीन में, वालेंटियर्स सेवा के प्रत्येक घंटे के लिए एक सिक्का कमाते हैं। इन सिक्कों का उपयोग वे 60 वर्ष की आयु के बाद कर सकते हैं या अपने बुजुर्ग रिश्तेदारों या दोस्तों को दान कर सकते हैं। अगर कोई 10,000 सिक्के जमा कर लेता है, तो उसे सरकारी वृद्धाश्रम में रहने का अधिकार मिल जाता है।
वरिष्ठ नागरिकों की सहायता में बिताया गया प्रत्येक घंटा सामाजिक सुरक्षा ढांचे के अंतर्गत स्वयंसेवक के व्यक्तिगत खाते में दर्ज किया जाता है। इन घंटों को बाद के वर्षों में समान सेवाओं के लिए भुनाया जा सकता है, जिससे देखभाल का एक आत्मनिर्भर चक्र बनता है।
विभिन्न आयु समूहों के स्वयंसेवकों को शामिल करके, यह कार्यक्रम सामाजिक एकता को बढ़ावा देता है। युवा प्रतिभागियों को बहुमूल्य अनुभव प्राप्त होता है, जबकि वृद्ध व्यक्तियों को सामाजिक मेलजोल बढ़ाने और अकेलेपन को कम करने का लाभ मिलता है।
















