प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के छात्र अब व्यावसायिक शिक्षा के तहत रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलाजी और डिजाइन जैसे विषयों में दक्षता हासिल कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की प्रयोगात्मक ट्रेनिंग दी जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा महेंद्र देव का कहना है कि इस तरह के प्रोग्राम से छात्रों को स्कूली शिक्षा के साथ ही रोजगारोन्मुख तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार होंगे और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सरकार की ओर से ड्रीम प्रोग्राम की शुरूात की जा रही है जिसके तहत आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों को रोबोटिक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों में प्रशिक्षित किया जाएगा। कई बड़ी कंपनियों की मदद से बनने वाली टेक्नोलॉजी लैब्स में छात्रों को रोजगारोन्मुखी तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा जिससे स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सरकार ड्रीम प्रोग्राम के माध्यम से डिजाइन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रानिक्स और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर रही है। माध्यमिक स्कूलों में इस योजना के अंतर्गत टाटा टेक्नोलाजी, जापान की यास्कावा कंपनी और अन्य उद्योग समूहों की मदद से टेक्नोलाजी लैब्स बनाई जाएंगी।
हब एंड स्पोक माडल पर संचालित इन चुने गए विद्यालयों को हब स्कूल बनाया जाएगा और यहाँ ड्रीम लैब्स की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा एक जिला एक उत्पाद के तहत राजकीय कालेजों में भी डिजाइन एंड इनोवेशन, कंप्यूटर एडेड मशीनिंग, एआर-वीआर, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, एआई-एमएल, ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग, आटोमोबाइल व बैटरी ईवी, प्लंबिंग और ओडीओपी से जुड़े कोर्स शुरू किए जाएंगे।















