कैंसर के इलाज के लिए रूस की बनाई वैक्सीन को इसी वर्ष लॉन्च किया जाएगा। ख़ास बात यह है कि यह वैक्सीन निशुल्क दी जाएगी।इस वैक्सीन का मानव परीक्षण जल्द शुरू होगा। यह वैक्सीन व्यक्तिगत खुराक पर आधारित होगी।

दुनिया की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक जैसी घातक और जानलेवा बीमारी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। रूस ने कैंसर मरीजों की जान बचाने के लिए नै वैक्सीन बनाई है। वैक्सीन से जुड़ी खास बात यह है कि रूस अपने देश के मरीजों को मुफ्त में वैक्सीन देगा।
वैक्सीन के बारे में रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय के रेडियोलॉजी मेडिकल रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर एंड्री काप्रिन का कहना है कि रूस ने कैंसर के खिलाफ अपनी खुद की mRNA वैक्सीन विकसित की है।
वहीँ रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस वैक्सीन यानी टीके का इस्तेमाल कैंसर से बचाव के लिए नहीं, बल्कि कैंसर के मरीजों के इलाज के लिए किया जाएगा। रूस जल्द ही इस वैक्सीन पर मानव परीक्षण शुरू करेगा।
रूसी न्यूज एजेंसी टास के हवाले से दी गई खबर में कहा गया है कि पिछले दिनों रूस ने कैंसर की वैक्सीन बनाने का दावा किया था। उस समय माना जा रहा था कि यह वैक्सीन 2025 में लॉन्च हो जाएगी। रविवार, 3 अगस्त को सरकारी समाचार एजेंसी आरटी से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस अगले कुछ महीनों में कैंसर के खिलाफ नए टीके का मानव परीक्षण शुरू करने वाला है। ये परीक्षण मॉस्को स्थित हर्टसन रिसर्च इंस्टीट्यूट और ब्लोखिन कैंसर सेंटर में किए जाएंगे, जबकि गामालेया सेंटर वैक्सीन का उत्पादन करेगा।
इस संबंध में गामांटा नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के निदेशक एलेग्जेंडर गिंट्सबर्ग की मानें तो कैंसर वैक्सीन के प्री-क्लिनिकल ट्रायल में यह बात सामने आई है कि यह कैंसर के विकास और उसके फैलाव को रोकती है।
रिपोर्टों से पता चलता है कि रूस में लगभग 4 मिलियन कैंसर रोगी हैं। यहाँ हर साल 625,000 नए रोगी सामने आते हैं। मानव परीक्षण पूरा होने के बाद यह टीका रूसी नागरिकों को मुफ्त दिया जाएगा। रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीन को रोलआउट करने की योजना को मंजूरी दे दी है।
वैक्सीन पर 2022 से काम जारी है। इस प्रयास का नेतृत्व दो प्रमुख ऑन्कोलॉजी संस्थान- हर्टसन रिसर्च इंस्टीट्यूट और मॉस्को में ब्लोखिन कैंसर सेंटर कर रहे हैं। आरटी के अनुसार, वैक्सीन का विकास 2022 के मध्य में शुरू हुआ था।













