इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी यानी एडीएनओसी के मध्य सोमवार को कच्चे तेल की खरीदारी का पहला लेनदेन हुआ।

भारत और यूएई के बीच पहली बार लोकल करेंसी में लेनदेन हुआ है। भारत ने 10 लाख बैरल तेल खरीदी का भुगतान रुपए और यूएई की करेंसी दिरहम में किया है। ये जानकारी यूएई स्थित भारतीय दूतावास की तरफ से जारी की गई है। दोनों देशों के बीच लोकल करेंसी सेटलमेंट का समझौता पिछले माह हुआ था।
यूनाइटेड अरब अमीरात पांचवां बड़ा देश है जिससे भारत अपनी क्रूड ऑयल की आवश्यक्ता पूरी करता है। भारत की एनर्जी सिक्योरिटी में अमीरात से आयातित तेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
साथ ही अमीरात दूसरा ऐसा बड़ा देश है, जहां से एलएनजी और एलपीजी इंपोर्ट की जाती है। ऐसे में लोकल करेंसी में भुगतान दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
लोकल करेंसी में लेनदेन के दोहरे फायदे होते हैं। इसमें ट्रांजैक्शन कॉस्ट कम होने के अलावा ट्रांजैक्शन में लगने वाला समय भी बच जाता है। भारत और अमीरात के बीच लोकल करेंसी सेटलमेंट का समझौता 15 जुलाई 2023 को हुआ था।ये समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति जायद अल नाहयान की मौजूदगी में हुआ था।
इससे पहले अमीरात से इम्पोर्ट किए जाने वाले तेल का भुगतान डॉलर में किया जाता था। लेकिन अब अन्तर्राष्ट्रीयमार्केट में इस लोकल करेंसी के लेनदेन को डि-डॉलेराइजेशन के रूप में देखा जा रहा है। आईएमएफ ने अपनी एक रिपोर्ट में इसका जिम्मेदार अमेरिका को ठहराया है।
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— Moneycontrol Hindi (@MoneycontrolH) August 15, 2023
बताते चलें की यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के मध्य 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार है। इसमें अमीरात ने भारत से 2 लाख करोड़ रुपए का आयात किया है।
क्योंकि भारत इस समय वित्तीय घाटे की स्थिति में है। दरअसल भारत अमीरात से निर्यात की तुलना में आयात अधिक करता है। वित्तवर्ष 2022-23 में भारत ने अमीरात से 4 लाख करोड़ रुपए का आयात किया, साथ ही यूएई के संग एक ट्रेड पैक्ट पर भी साइन किया था।
पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पाद भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच द्विपक्षीय व्यापार की रीढ़ की हैसियत रखता है। भारत और अमीरात के बीच तेल और गैस के मजबूत संबंध के चलते व्यापार को लेकर एक मज़बूत भागीदारी बनी हुई है।














