69 हजार शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस ने इन्हें ईको गार्डन भेजने की व्यवस्था की।

लखनऊ में आज को 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जमकर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों ने इस दौरान मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव किया। मौके पर मौजूद पुलिस ने सभी को फिर से ईको गार्डन भेज दिया।
आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी, आरक्षण में भेदभाव को लेकर पिछले कई महीनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। यह लोग पहले भी मंत्री संदीप सिंह और डिप्टी सीएम केशव मौर्य के आवास का घेराव कर चुके हैं। प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि हाईकोर्ट से हमारे पक्ष में फैसला आया है। अब मामला सुप्रीम कोर्ट में हैं। लेकिन, सरकार सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से हमारा पक्ष नहीं रख रही है।
अभ्यर्थी एक बार फिर धनंजय गुप्ता के नेतृत्व में मंत्री संदीप सिंह के आवास पहुंचे। वहां नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार सेकंड पार्टी है। वह हम लोगों का पक्ष मजबूती से रखे। अन्यथा हम सब लोग सामूहिक रूप से आत्मदाह करने के लिए मजबूर होंगे।
प्रदर्शन कर रहे धनंजय गुप्ता, रवि पटेल, अमित मौर्य ने बताया कि यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2018 में शुरू हुई थी। इसका परिणाम आया तो इसमें व्यापक स्तर पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया।
इस बीच होने वाले आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया के बाद 13 अगस्त 2024 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ की डबल बेंच ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हित में फैसला सुनाया। अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया। लेकिन, सरकार की ओर से सक्रियता नहीं दिखाई गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट में 28 अक्तूबर को सुनवाई होनी है।अब तक लगभग 22 से अधिक तारीखें मिल चुकी हैं मगर सुनवाई नहीं हो सकी। इससे सभी अभ्यर्थी परेशान हैं। बताते चलें कि अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार पुलिस के माध्यम से उनके आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है।














