मैसाचुसेट्स राज्य के एक तट पर मिला दो रंग वाला दुर्लभ झींगा

अमरीका के मैसाचुसेट्स राज्य के एक पेनिनसुला केप कॉड के तट पर एक दुर्लभ दो रंग का झींगा मिला है। यह एक तरफ से विशिष्ट भूरे रंग का और दूसरी तरफ से चमकीले नारंगी रंग का है, और यह दो रंगों वाला पैटर्न इसके सिर से लेकर पूंछ तक फैला हुआ है।

इस झींगे की खोज ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया। वैज्ञानिक इस अनोखे भूरे और नारंगी रंग के जीव को ‘कुदरत का चमत्कार’ कह रहे हैं। मरीन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसा अनोखा रंग जेनेटिक म्यूटेशन के कारण होता है। वहीँ मरीन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा झींगा मिलने की संभावना 50 मिलियन में से एक है।

इस दुर्लभ झींगेको टिमोथी माइकल नाम की एक बोट के क्रू ने खोजा। जिस समय उसने यह झींगा देखा तो वह कुदरत की बनाई इस कारीगरी को देखकर हैरान ही रह गया। केप कॉड की एक समुद्री भोजन कंपनी ने एक दुर्लभ दो रंगों वाले लॉबस्टर को एक विज्ञान केंद्र को दान कर दिया है। ख़ास बात यह है कि इसके अनोखे रंग के कारण इसे मछली के जाल में फंसने से बचा लिया।

अंतर्रराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस श्रिम्प का वज़न 3 पाउंड से ज़्यादा है, और हैरानी की बात है कि इसका शरीर सिर से पूंछ तक आधा भूरा और आधा नारंगी है। इसे 16 अप्रैल को केप कॉड के तट पर पकड़ा गया था।

समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का असामान्य रंग अत्यंत दुर्लभ है और अक्सर दुर्लभ जैविक स्थितियों से जुड़ा होता है। रिपोर्ट्स से पता चला है कि इसकी दुर्लभता के कारण, झींगा बेचा या इस्तेमाल नहीं किया जाएगा बल्कि इसे मैसाचुसेट्स के वुड्स होल साइंस एक्वेरियम को डोनेट कर दिया गया है।

भले ही यह दुर्लभ जीव दो रंगों वाला लॉबस्टर हो, लेकिन इसने न्यू इंग्लैंडवासियों को अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। वुड्स होल साइंस एक्वेरियम का प्लान है कि 2027 में रेनोवेशन पूरा होने के बाद इन रेयर झींगे को डिस्प्ले पर रखा जाएगा।

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