मौसम विज्ञान विभाग जानकारी में कहा गया है कि प्रदेश के पूर्वी इलाकों में 3 से 5 अक्टूबर तक भारी वर्षा होगी। इसके साथ ही तेज हवाएं भी चलेंगी। शुक्रवार को 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि कई जिलों में बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाक़ों में बीते 24 घंटे में वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर मध्यम वर्षा दर्ज की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी और बहुत भारी बारिश से अनुमानित वर्षा 1.5 मिमी के सापेक्ष 7 मिमी रिकॉर्ड की गई, जो कि सामान्य से 367 प्रतिशत अधिक है, वहीं पश्चिमी में अनुमानित बारिश 0.9 मिली मीटर के सापेक्ष 0.2 मिली मीटर रिकॉर्ड की गई, जो की सामान्य से 82% कम है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बंगाल की खाड़ी पर बनने वाला गहन दबाव तेज रफ़्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से 5 अक्टूबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के जिन जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है उनमें चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर एवं आसपास के इलाके शामिल हैं। इन जिलों के लिए औरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही 40-50 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाएं चलने की भी संभावना विभाग ने जताई है।
लखनऊ सहित वाराणसी, बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, , संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, और इसके आस-पास के इलाक़ों में विभाग ने बिजली गिरने का अनुमान जताया है।
इसके अलावा जिन इलाकों में भारी वर्षा का अनुमान मौसम विभाग ने लगाया है उनमें बांदा, फतेहपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर एवं आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।














