रेलवे यात्रा करने वाला व्यक्ति अब अगर यात्रा की तारीख बदलना चाहे या टिकट रद्द करना चाहे तो उसे कैंसिलेशन चार्ज नहीं देना होगा। भारतीय रेलवे द्वारा लागू इस नए नियम की घोषणा ने रेल यात्रियों को बड़ी राहत दी है। यह सुविधा जनवरी 2026 से लागू होगी।

इस नई व्यवस्था के तहत यात्री अपनी टिकट तब ही बदल सकेंगे जब नई तारीख में सीट उपलब्ध होगी। नई टिकट का किराया पुरानी से ज्यादा होने पर यात्री को किराये का अंतर देना होगा जबकि किराया समान या कम होने की दशा में किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
रेलवे द्वारा जारी नए नियम के तहत यात्री अपनी कन्फर्म ट्रेन टिकट की तारीख बिना किसी कैंसिलेशन चार्ज के बदल सकेंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस नई पॉलिसी का उद्देश्य यात्रियों को ज्यादा सुविधा देना है। रेलवे द्वारा लागू इस नियम से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जिनकी यात्रा की योजनाएं अचानक बदल जाती हैं।
जानकारी में रेलवे की ओर से यह भी बताया गया है कि इस सुविधा का लाभ सिर्फ उन्हीं टिकटों पर मिलेगा जो कन्फर्म होंगी। यात्री को वेटिंग या आरएसी टिकटों पर फिलहाल यह सुविधा नहीं मिलेगी।
अभी तक रेलवे यात्रियों को टिकट रद्द करने पर बेस फेयर का 25 से 50 प्रतिशत तक कैंसिलेशन चार्ज देना होता था, लेकिन अब यात्री सिर्फ तारीख बदलवाकर बिना नुकसान के यात्रा कर सकेंगे।
रेलवे यात्रियों को “ट्रैवल फ्रेंडली” अनुभव देने की दिशा में लगातार सुधार की बात करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि डिजिटल टिकटिंग सिस्टम के विस्तार के साथ अब यात्रियों को ज्यादा नियंत्रण और सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। इस फैसले के बाद बुकिंग सिस्टम और आईआरसीटीसी प्लेटफॉर्म में तकनीकी बदलावकी भी खबर है जिससे यात्री सुविधाजनक तरीके से उपरोक्त लाभ ले सकें













