राफेल को लेकर राजनीति की भेट न चढ़ जाए सैन्य तैयारी, वायुसेना प्रमुख ने जताई चिंता

नई दिल्ली : देश में राफेल पर हो रही राजनीति का बुरा असर देश की सैन्य तैयारियों पर न पड़े, वायुसेना प्रमुख ने इस बात की चिंता जाहिर की है। राफेल के आने में विलंब का जिक्र करते हुए धनोआ ने देश को एक बार फिर चेताया है कि पड़ोसी मुल्कों ने अपने फाइटर अपग्रेड कर लिए है और हमें अभी तक इनके मिलने का इंतजार है।

हालांकि साथ में उन्होंने यह भी कहा कि सेना को लेकर देश की सभी सरकारों का रवैया हमेशा सकारात्मक रहा है।

भारत-रूस की वायुसेना के संयुक्त युद्धाभ्यास के समापन समारोह में भाग लेने पहुंचे धनोआ ने बुधवार को कहा कि देश ने पहले भी बोफोर्स तोप के मामले में काफी कुछ खोया है। बोफोर्स प्रकरण के बाद कई बरसों तक सेना को किसी भी तरह की नई तोप नहीं मिल पाई थी। थल सेना ही बेहतर बता सकती है कि इसका उसे कितना खामियाजा उठाना पड़ा। उससे सीख लेते हुए अब राफेल को लेकर राजनीति भी नहीं होनी चाहिए।

वायुसेना के पास वर्तमान में 42 के स्थान पर महज 31 फाइटर स्क्वाड्रन है। ऐसे में वायुसेना बड़ी शिद्दत के साथ राफेल के मिलने का इंतजार कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले साल के सितंबर से राफेल मिलना शुरू हो जाएगा। 126 राफेल की जगह अब 36 राफेल की खरीद के सवाल पर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि वायुसेना को हालांकि उम्मीद से कम विमान मिल रहे है, लेकिन हम इनका बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर लेंगे।

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