मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत वर्ष 2003 की सूची से मैप न हो पाने वाले 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे, जिनसे निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जाएगा। नोटिस वितरण शुरू हो गया है। नोटिस मिलने के कम से कम सात दिन बाद सुनवाई होगी।

मतदाता सूची के एसआइआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अब नोटिस दिए जाने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए सुनवाई की तिथि नोटिस जारी होने के न्यूनतम सात दिन बाद रखी जाएगी। बताते चलें कि इसके लिए साफ्टवेयर में डाटा फीड करने के साथ ही आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।
गहन पुनरीक्षण के तहतइस करीब 1.04 करोड़ मतदाता का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया है। अगले चरण में इन मतदाताओं को मैपिंग न हो पाने के कारण नोटिस भेजा जाएगा। इसके लिए सात दिन का समय सुनवाई को दिया जाएगा।
दो पृष्ठ वाले इस नोटिस में पहले पेज पर नोटिस का विवरण जबकि दूसरे पेज पर 13 प्रमाण पत्रों की सूची होगी जिसे मतदाता को सुनवाई के दौरान ईआरओ यानी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के पास प्रस्तुत करना होगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हुई एसआइआर की प्रक्रिया के बाद 6 जनवरी को निर्वाचन आयोग की तरफ से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जा चुकी है। ड्राफ्ट लिस्ट में 2.89 करोड़ नाम बाहर किए गए हैं।














