प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गंगा एक्सप्रेस वे का लोकार्पण कल यानी 29 अप्रैल को करेंगे। इस एक्सप्रेस वे को तमाम सुविधाओं के साथ जोड़ा गया है। यही कारण है कि यहाँ से गुजरने वाले यात्री होटल और ढाबे से लेकर अस्पताल और ईवी चार्जिंग तक की सुविधा हासिल कर सकेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन (8-लेन तक विस्तारित करने योग्य), एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसका निर्माण लगभग 36,230 करोड़ रुपये की कुल लागत से किया गया है।
गंगा एक्सप्रेस का 20 फीसदी निर्माण आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा जबकि 80 फीसदी निर्माण अडानी इंटरप्राइजेज द्वारा किया गया है। अडानी इंटरप्राइजेज द्वारा बनाए गए हिस्से की बात करें तो यह प्रयागराज से बंदायू तक का करीब 464 किलोमीटर एक्सप्रेस वे है।
गौरतलब है कि यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होकर गुज़रेगा। इनमें प्रयागराज सहित मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, और प्रतापगढ़ आते हैं। इस प्रोजेक्ट से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय मौजूदा 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे रह जाने की उम्मीद है।
स एक्सप्रेस वे की विशेषताओं पर एक नज़र डालें तो पाते हैं कि यहाँ लखनवी ज़ायके के अलावा चिकनकारी को भी जगह दी गई है। पेट्रोल डीजल और सीएनजी सहित ईवी चार्जिंग स्टेशन भी हैं। पहली बार किसी एक्सप्रेसवे में ट्रक लेन की व्यवस्था है। मोटेल से लेकर ढाबे और एक ट्रॉमा सेंटर की भी सुविधा है। इसके साथ ही चिल्ड्रन प्ले एरिया में बच्चों के खेलनेके लिए व्यवस्था है। साथ ही वाहन चालों के लिए साथ अलग रेस्ट एरिया है और हर क्षेत्र में वाहनों के लिए सर्विस सेंटर भी है।