एशियाई खेल 2026 का समापन हो गया है। भारतीय खिलाड़ियों ने आइची-नागोया खेलों में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदकों सहित 85 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया, जो एशियाई खेलों के इतिहास में देश का दूसरा सबसे बड़ा पदक संग्रह है।
इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय दल के प्रत्येक सदस्य की सराहना की, जिन्होंने दृढ़ संकल्प, जुनून और उल्लेखनीय खेल भावना के साथ देश का प्रतिनिधित्व किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुतबिक, पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने अपने एशियन गेम्स के खिताब बरकरार रखे। इन खेलों के दौरान भारत ने कई ऐतिहासिक व्यक्तिगत प्रदर्शन भी किए। एशियन गेम्स में गोल्फ में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रणवी उर्स पहली भारतीय महिला बनीं। दूसरी तरफ 17 वर्षीय कुमकुम मोहद ने महाद्वीपीय प्रतियोगिता में व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया।
एशियन गेम्स में लवलीना बोरगोहेन ने मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाली मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला बनकर एक विशिष्ट सूची में अपना नाम दर्ज कराया। कबड्डी टीमों ने भी स्वर्ण पदक जीते। पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया पर 5-1 से जीत हासिल करके अपना खिताब बरक़रार रखा। महिला टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक के लिए 44 साल का इंतजार खत्म किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, एथलेटिक्स में भारत ने सबसे अधिक 24 पदक जीते, जबकि शूटिंग में 15 पदक शामिल हैं। तीरंदाजी स्वर्ण पदकों के मामले में सबसे सफल खेल रहा, जिसमें पांच स्वर्ण पदक जीते गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘एशियाई खेल 2026 के समापन के अवसर पर मैं भारतीय दल के हर सदस्य को बधाई देता हूं, जिन्होंने दृढ़ संकल्प, जुनून और उल्लेखनीय खेल भावना के साथ हमारे देश का प्रतिनिधित्व किया। हमारे सभी पदक विजेताओं को बधाई, जिनके शानदार प्रदर्शन ने देश को अपार खुशी दी है। आशा है कि आने वाले वर्षों में ये खेल और भी बड़ी उपलब्धियों के लिए प्रेरणा देंगे। साथ ही, ये जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत बनाने में भी योगदान देंगे।