राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर आज पूरा देश श्रद्धांजलि दे रहा है। इस यादगार दिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके आदर्शों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। बापू को याद करते हुए दोनों नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बापू के दिखाए रास्ते पर चलकर ही एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा किया जा सकता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गांधी जी को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरी दिल से श्रद्धांजलि। पूज्य बापू ने हमेशा स्वदेशी पर ज़ोर दिया, जो एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का आधार है। उनका व्यक्तित्व और प्रधानमंत्री हमेशा हमारे देश के लोगों को रास्ता दिखाने का काम करेंगे।” बापू का ‘स्वदेशी’ का आह्वान आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना पहले था और यह हमारी सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का मूल मंत्र है।”
अपनी श्रद्धांजलि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा कि बापू का सत्य और अहिंसा का मार्ग पूरी मानवता के लिए एक प्रकाश स्तंभ है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “पूज्य बापू का सच्चा आचरण, अहिंसा के प्रति उनका अटूट पालन और मानवता के प्रति दया हमेशा पूरी दुनिया को रोशन करेगी। आइए हम बापू के आदर्शों को अपनाएं और एक समृद्ध और विकसित भारत बनाने में योगदान दें।”
30 जनवरी, 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बापू ने अपना पूरा जीवन देश की आजादी और समाज के कमजोर वर्गों की भलाई के लिए समर्पित कर दिया। अहिंसा और सत्याग्रह के हथियारों से उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी औपनिवेशिक ताकत (अंग्रेजों) को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया। उनके बलिदान और शांति के संदेश का सम्मान करने के लिए, भारत हर साल इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाता है।
उनको याद करते हुए क्रांतकारी और प्रगतिशील कवि कैफ़ी आज़मी अपनी नज़्म ‘ज़िंदगी’ में लिखते हैं-
तेरे इक गाल पे जिस पल कोई थप्पड़ मारे
दूसरा गाल भी आगे कर दे
तेरी दुनिया में बहुत हिंसा है
उस के सीने में अहिंसा भर दे
कि ये जीने का तरीक़ा भी है अंदाज़ भी है
तेरी आवाज़ भी है मेरी आवाज़ भी है














