सीएसआईआर-केन्द्रीय औषधीय एवं सुगंध पौधा संस्थान (सीमैप) के 66वें स्थापना दिवस पर लखनऊ में विशेष आयोजन किया गया। सीएसआईआर-सीमैप द्वारा तैयार इन हर्बल उत्पादों की मार्केटिंग हेतु केंद्रीय संस्थान ने मेसर्स फ़्लॉक्स लैबोरेटरीज के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किया। केंद्रीय संसथान की सरपरस्ती में फ़्लॉक्स लैबोरेटरीज इस काम को जारी रखने के साथ उत्पाद के विपणन पर भविष्य में काम करने का इरादा रखता है।
सीएसआईआर-सीमैप औषधीय एवं सुगंधित पौधों की नई प्रजातियां विकसित करने के लिए अनुसंधान कार्य करती हैं। संस्थान के 66वें स्थापना दिवस पर मुख्य अथिति कृषि वैज्ञानिक बोर्ड, नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ संजय कुमार ने सीमैप की वैज्ञानिक प्रगति की सराहना की और शोधार्थियों से संस्थान की विश्व स्तरीय सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ फ्लॉक्स लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक डॉ. समर अब्बास भी मौजूद थे।
सीएसआईआर यानी वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद तथा सीमैप यानी केंद्रीय औषधीय एवं सुगंध पौधा संस्थान के सहयोग से तैयार यह उत्पाद हर्बल होने के साथ पर्यावरण के अनुकूल भी है। फ्लॉक्स लेबोरेटरीज और केंद्रीय संस्थान के बीच जिन उत्पाद को लेकर करार किया गया है उनके नाम है- रिलैक्सोमैप, फ्लोमॉप, क्लीन जर्म और मोस्प्रे। रोज़मर्रा की ज़रूरतों से जुड़े ये उत्पाद हर्बल होने के साथ पर्यावरण के अनुकूल भी है।
फ़्लॉक्स लेबोरेटरीज़ प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विशेष रूप से निम्नलिखित उत्पादों के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं-
1. एंटी-इंफ्लेमेटरी पेन रिलीविंग ऑयल- रिलैक्सोमैप (Relaxomap)
2. हर्बल फ्लोर क्लीनर- फ्लोमॉप (Flomop)
3. एरोमैटिक फ्लोर क्लीनर- क्लीन जर्म (Clean Germ)
4. मच्छर भगाने वाला रूम स्प्रे- मोस्प्रे (Mospray)
फ़्लॉक्स लेबोरेटरीज़ के के निदेशक डॉ. समर अब्बास ने एक साक्षात्कार के दौरान बताया कि अगले एक वर्ष तक उनकी लेबोरेट्री केंद्रीय संस्थान की सरपरस्ती में इन उत्पादों को तैयार करेगी और इसकी मार्केटिंग की ज़िम्मेदारी भी निभाएगी। इसके अगले चरण में यह लेबोरटरी इस काम को और भी विस्तार देने का इरादा रखती है।
मुख्य अतिथि डॉ. संजय कुमार कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड, नई दिल्ली के अध्यक्ष ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने संस्थान की छह दशक की यात्रा के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि हानिकारक प्रभावों से मुक्त इन उत्पाद को प्रयोग करना भी अन्य के मुक़ाबले बेहद आसान है। मार्केट में मौजूद अन्य उत्पाद जहाँ बच्चों की पहुँच से दूर रखने की चेतावनी वाले होते हैं, वहीँ इस उत्पाद के साथ ऐसी कोई समस्या नहीं है। उत्पाद पर काम करने वाली टीम ने इस बात का ख़ास ख्याल रखा है कि यह हर्बल प्रोडक्ट किसी भी प्रकार की एलर्जी से बचाव के साथ बच्चों के लिए भी हानिकारक न हो। विशेषकर कम्पनी द्वारा बनाया गया दर्द निवारक और मच्छर भागने वाले स्प्रे को लेकर इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि इन उत्पाद से बच्चों को किसी तरह का खतरा न हो।
संस्थान के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने बताया कि सीमैप ने औषधीय और सुगंध पौधों में महत्वपूर्ण शोध किए हैं। संस्थान द्वारा किसानों के लिए उन्नत कृषि तकनीकें विकसित की हैं। मेन्थॉल मिंट और लेमनग्रास के तेलों के निर्यात में भारत अब प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
अपने संबोधन में डॉक्टर संजय कुमार ने भी सीमैप द्वारा किसानों और उद्योग जगत के लिए गुणवत्तायुक्त औषधीय पौधों के कच्चे माल की उपलब्धता की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने शोधार्थियों से अपील की कि वे संस्थान की विश्वस्तरीय सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और नए-नए शोध कार्यों में योगदान करें।
सीएसआईआर-केन्द्रीय औषधीय एवं सुगंध पौधा संस्थान के स्थापना दिवस पर वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
अध्यक्ष डॉ संजय कुमार ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड, नई दिल्ली डॉ संजय कुमार, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक सीमैप व डॉ प्रबोध कुमार त्रिवेदी, निदेशक सीएसआईआर-सीमैप समेत अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में 300 वैज्ञानिकों सहित शोध छात्र और संस्थान के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित थे। डॉ. सुम्या पाठक और डॉ. संजय कुमार ने कार्यक्रम का समापन पर धन्यवाद ज्ञापन दिया।