नया साल राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए एक बड़ी राहतभरी सुविधा लेकर आया है। यह नया सिस्टम आम नागरिकों को बेवजह की परेशानियों और देरी से बचाएगा। प्रोसेस को पूरी तरह से डिजिटल और ट्रांसपेरेंट बनाया गया है।”

अब शहरवासियों को अपना घर या दुकान बनवाने के लिए लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (LDA) के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं होगी। इस नई सुविधा के साथ एलडीए ने नए बिल्डिंग बायलॉज़ के तहत फास्ट-ट्रैक मैप अप्रूवल सिस्टम ‘फास्ट पास’ लागू किया है। इस डिजिटल सिस्टम के ज़रिए लोग अब सिर्फ़ एक क्लिक पर अपने बिल्डिंग मैप को ऑटोमैटिकली वेरिफाई और अप्रूव करवा सकेंगे।
‘फास्ट पास’ की विशेषता-
यह नया सिस्टम पूरी तरह ट्रांसपेरेंट और करप्शन-फ्री बनाया गया है। यह सुविधा 100 स्क्वायर मीटर तक की रेजिडेंशियल बिल्डिंग और 30 स्क्वायर मीटर तक की कमर्शियल बिल्डिंग के लिए मिलेगी। प्लॉट मालिक अपनी डिटेल्स भरकर और मैप अपलोड करके मिनटों में अप्रूवल पा सकेंगे। इसपर अप्लाई करने के लिए map.up.gov.in पर जाना होगा।
क्रमवार एप्लीकेशन प्रोसेस-
रजिस्ट्रेशन: आपको अपने नाम और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा।
लॉगिन: ID और पासवर्ड बनाने के बाद मैप अपलोड करें।
फीस पेमेंट: कैलकुलेटेड फीस के आधार पर फीस का ऑनलाइन पेमेंट पोर्टल पर उपलब्ध होगा।
ऑटोमैटिक वेरिफिकेशन: सिस्टम क्राइटेरिया के अनुसार मैप को ऑटोमैटिकली चेक करेगा और सबमिट करने पर सर्टिफिकेट जारी करेगा।
नियम और शर्तें-
नक़्शे की मंज़ूरी के समय कुछ ज़रूरतों का ध्यान रखना होगा। प्लॉट का लैंड यूज़ मास्टर प्लान के अनुसार होना चाहिए। एप्लीकेशन में सड़क की चौड़ाई, (सामने/साइड/पीछे), कवर्ड एरिया और पार्किंग की सही जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, अगर जानकारी गलत पाई जाती है तो आगे की कार्रवाई के लिए भी नियम बनाए गए हैं।













