प्रशासन ने राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज स्थित दो अवैध मजारों को हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। अस्पताल परिसर में कच्ची और पक्की मजार को निश्चित अवधि में हटाने का निर्देश दिया गया है।

प्रदेश की राजधानी में स्थित मेडिकल कॉलेज के इस अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो मजारों को हटाने के निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इन मजारों पर बीते दिन नोटिस चस्पा कर दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि ये निर्माण विश्वविद्यालय परिसर की भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के बनाई गई हैं इन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर स्वयं हटाना होगा, अन्यथा बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि मेडिकल कॉलेज परिसर के भीतर स्थित कच्ची मजार को सात दिनों के भीतर जबकि विश्वविद्यालय के बगल में स्थित पक्के निर्माण वाली मजार को हटाने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। नोटिस में यह बी कहा गया है कि यदि तय अवधि में स्वयं मजारें नहीं हटाई जातीं, तो प्रशासन कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई करेगा।
अस्पताल प्रशासन ने इन मज़ारों को हटाए जाने के संबंध में तर्क देते हुए कहा है कि विश्वविद्यालय एक शैक्षणिक और चिकित्सकीय संस्थान है, जहां किसी भी प्रकार की संरचना केवल नियमों और वैधानिक अनुमति के आधार पर ही की जा सकती है। बिना अनुमति बनाए गए ढांचे न केवल संस्थान की गरिमा को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में सुरक्षा और प्रशासनिक समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं।
इस निर्माण को हटाने की प्रक्रिया पर प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण ढंग से की जाएगी, ताकि किसी भी समुदाय या वर्ग की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस दोनों ही सतर्क हैं। किसी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉक्टर के के सिंह ने जानकारी देते हुए कहा है कि कुलपति डॉक्टर सोनिया नित्यानंद परिसर में स्थित इन अवैध कब्जों और मजारों को हटाने की कार्रवाई करीब डेढ़ साल पहले शुरू की थी। पहले भी उनके नेतृत्व में कई बड़े अवैध कब्जे हटाए जा चुके हैं। शेष बचे अवैध निर्माण और मजारों को इस बार हटाया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालय परिसर अतिक्रमण मुक्त हो सके।













