महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन क्राइम पर नेशनल डायलॉग का उद्घाटन होम सेक्रेटरी गोविंद मोहन ने किया। इस आयोजन में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने डिजिटल इकोसिस्टम में ऑनलाइन क्राइम की बढ़ती चुनौतियों पर ज़ोर दिया।

कार्यक्रम का मक़सद चयनित अधिकारियों को महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने वाले उभरते साइबर खतरों से निपटने के लिए आवश्यक विशेषीकृत ज्ञान, जांच तकनीकों तथा सर्वोत्तम प्रथाओं से लैस करना है। ये अधिकारी आगे राज्य एवं जिला स्तर पर कानून लागू करने वाले कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे ऐसे अपराधों के प्रति देश की प्रतिक्रिया संरचना को और मजबूत किया जा सके।
यह आयोजन इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर द्वारा आयोजित किया था, जिसका मकसद महिलाओं और बच्चों को टारगेट करने वाले ऑनलाइन क्राइम को रोकने और उन पर असरदार तरीके से जवाब देने के लिए इंटीग्रेटेड सिस्टम को मज़बूत करने के लिए मुख्य स्टेकहोल्डर्स को एकजुट करना है।
क्राइम से असरदार तरीके से निपटने के लिए उन्होंने ऐसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश लेवल पर इंस्टीट्यूशनल कैपेसिटी को मज़बूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। होम सेक्रेटरी ने ज़ोर दिया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समय पर जांच, पीड़ितों को मदद और अपराधियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई पक्का करने के लिए मज़बूत, खास यूनिट और मिलकर काम करने वाले सिस्टम बनाने चाहिए।
गृह सचिव ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों को भी निर्देश दिया कि वे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन क्राइम को प्राथमिकता दें, ताकि ऐसे मामलों में तुरंत और मिलकर काम करने वाली कार्रवाई पक्की हो सके।








