विपक्ष बोलने नहीं दे रहा इसीलिए लोकसभा के बजाय जनसभा का इस्तेमाल : मोदी

डीसा (गुजरात)। नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि विपक्ष चूकि इस मुद्दे पर अपने झूठ के उजागर होने से बचने के लिए उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं नहीं दे रहा इसीलिए वह अपनी बात जनसभाओं के माध्यम से रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण के 50 दिन बाद लोगों की कठिनाई धीरे धीरे कम हो जाएगी और स्थिति सामान्य हो जाएगी पर लोगों को मोबाईल बैंकिग और ई पेमेंट जैसी चीजों को अपना लेना चाहिए ताकि उन्हें कभी भी बैंकों या एटीएम के समक्ष कतार नहीं लगानी पडे। narendra modi

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उन्होंने यह भी कहा कि वह भ्रष्टाचारियों को और नोटों की हेराफेरी करने वालों को किसी कीमत पर नहीं छोडेंगे। मोदी ने यहां अपने गृहराज्य गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा में एक जनसभा में कहा कि अगर मौका मिला तो वह लोकसभा में भी नोटबंदी पर विस्तार से अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि एक अलग राजनीतिक विचारधारा में पले बढे होने के बावजूद राष्ट्रपति ने भी संसद में जारी विपक्ष के हंगामे और गतिरोध को लेकर सार्वजनिक तौर पर टिप्पणी की है।

मोदी ने विपक्ष से भ्रष्टाचार और काला धन विरोधी विमुद्रीकरण के मामले में सरकार का साथ देने की भी अपील की ताकि देश को आगे ले जाया जा सके। उन्होंने अपने खास लहजे में कहा कि पूरे देश में इस बात की चर्चा चल रही है कि नोटो का क्या होगा। आप मुझे बताईये आठ तारीख से पहले 100, 50, 20 के नोटों की कोई कीमत था क्या। छोटों को कोई पूछता था क्या। हर कोई 1000, 500 के नोटों की तरह केवल बडों को ही पूछता था। पर इसके बाद छोटे नोटो और छोटे लोगों की ताकत बढ गई।

उन्होंने कहा कि यह जो नए चार्वाक लोग पैदा हो गए हैं उनको 50 बार सोचना पडेगा कि यह देश स्वार्थी लोगों का नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद चल नहीं रही, चलने दी नही जा रही। सार्वजनिक जीवन में लंबा अनुभव वाले राष्ट्रपति जो अगल राजनीतिक विचारधारा में पले बढे है, वह संसद में गतिरोध की बात से इतने दुखी हो गए कि उन्हें सांसदों को टोकना पडा, नाम लेकर टोकना पडा। narendra modi

सरकार कहती है प्रधानमंत्री बोलने को तैयार है आकर कहने को तैयार पर विपक्ष को मालूम है कि उनका झूठ टिकता नहीं। लोकसभा में मुझे बोलना नहीं दिया जाता तो मैने जनमसभा में बोलने का रास्ता चुन लिया। मौका मिला तो लोकसभा में भी जरूर सवा सौ करोड जनता की बात पहुंचाने का प्रयास करूंगा। विरोधी दलों से महात्मा गांधी और यरदार पटेल की इस धरती से सार्वजनिक आग्रह करना चाहता हूं कि जैसे चुनाव जबरदस्त विरोध के बावजूद सभी राजनीतिक दल चुनाव प्रक्रिया को सही ढंग से चलाने, मतदाता सूची ठीक करने, अधिक मतदान कराने आदि को लेकर एक जैसा ही प्रयास करते हैं वैसे ही नोटबंदी के बाद लोगों को बैंकिंग पद्धति से अवगत कराने के लिए एकजुट प्रयास होना चाहिए। narendra modi

कोई दल यह नहीं कहता कि नोटबंदी को रॉल बैक (वापस)करो। सब कहते हैं ठीक से लागू करो। मै सभी दलों से अपील करता हूं कि आप मेरी आलोचना कीजिए पर लोगों को बैंकिग पद्धति के बारे में अवगत कराए और देश का भाग्य बदले के इस उत्तम अवसर का फायदा उठाइये। अगर विरोधी दल यह काम करें तो मुझे बहुत आनंद आयेगा। राष्ट्रनीति राजनीति से ऊपर है। गरीबों के लिए बात करना आसान पर उनके लिए काम करना उतना आसान नहीं। मैने पहले दिन से कहा कि यह मामूली नहीं बल्कि बहुत मुश्किल और कठिन निर्णय है।

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