संवेदनहीन लोगों से ज़्यादा आत्ममुग्ध लोग खुश रहते हैं

एक नए अध्ययन से पता चला है कि आत्ममुग्धता (narcissism) से ग्रस्त लोग संवेदनहीन लोगों की तुलना में अधिक खुशहाल जीवन जीते हैं।

संवेदनहीन लोगों से ज़्यादा आत्ममुग्ध लोग खुश रहते हैं

अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 432 प्रतिभागियों का विश्लेषण किया, जिनमें कॉलेज के छात्र और पुराने प्रतिभागी जैसे विविध समूह शामिल थे। अध्ययन के लिए कई निदान विधियों का उपयोग किया गया।

शोधकर्ताओं ने पाया कि आत्म-मुग्धता का उच्च स्तर महत्वपूर्ण रूप से अधिक खुशी से जुड़ा हुआ था जबकि संवेदनहीन लोग अपने जीवन से कम खुश थे। दूसरी ओर, सत्ता की चाह रखने वाले लोगों का खुशी से कोई महत्वपूर्ण संबंध नहीं पाया गया।

पर्सनैलिटी एंड इंडिविजुअल डिफरेंसेज (Personality and Individual Differences) जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जिस व्यक्ति में स्वार्थ का तत्व जितना अधिक होगा, उसके जीवन में सुख का तत्व भी उतना ही अधिक होगा।

अध्ययन का मक़सद खुशी और त्रि-आयामी व्यक्तित्व (Three-dimensional personalities) और उसके अंधेरे पक्ष के बीच संबंध का पता लगाया जाना था। त्रि-आयामी व्यक्तित्व में स्वार्थ, हुकूमत और संवेदनहीनता को शामिल माना गया है। हुकूमत या सत्ता को मैकियावेलियनवाद (Machiavellianism) भी कहते हैं और इसमें सत्ता हासिल करने के लिए किसी भी सही या गलत साधन का उपयोग व्यक्ति की आदत में शामिल हो जाती है।

ऊपर खुलासा किये गए इन तीनों व्यक्तित्व प्रकारों के अध्ययन में, आत्ममुग्धता वाले लोगों में खुशी के उच्चतम लक्षण दिखाई दिए।

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