एक अंतराल के बाद मीराबाई चानू ने वेट लिफ्टिंग के 48 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लेने के साथ ही गोल्ड मेडल पर भी क़ब्ज़ा जमा लिया। 48 किलोग्राम वर्ग में मीराबाई ने गोल्ड मैडल जीतने के अपने सफर में स्नैच और क्लीन एंड जर्क में 193 किलोग्राम भार उठाया। इसमें से उन्होंने स्नैच में 84 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 109 किलोग्राम भार उठाकर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया।

मलेशिया की आइरीन हेनरी ने इसी वर्ग में 161 किग्रा (73 किग्रा + 88 किग्रा) उठाकर रजत पदक जीता। वेल्स की निकोल रॉबर्ट्स ने 150 किग्रा (70 किग्रा + 80 किग्रा) उठाकर कांस्य पदक जीता। राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए एक क्वालीफाइंग इवेंट भी है।
भारोत्तोलन पोस्टर गर्ल मीराबाई चानू को आखिरी बार 2024 पेरिस ओलंपिक में देखा गया था। मीराबाई उस समय 49 किलोग्राम वर्ग में पोडियम फिनिश से चूक गईं थीं और उन्होंने चौथी पोज़िशन ली थी।
साल 2018 के बाद 48 किग्रा में वापसी करने वाली मीराबाई ने अहमदाबाद में स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा- ‘मैं बहुत खुश हूं। यह पल मेरे लिए और भी खास है क्योंकि पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बार मुझे अपनी धरती पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिल रहा है। प्रशंसकों के समर्थन ने मुझे और भी प्रेरित किया है।’
याद दिला दें कि भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने पिछले साल पेरिस ओलंपिक में शिरकत के बाद ब्रेक लिया था। अब उन्होंने एक साल के अंतराल के बाद अपनी वापसी को यादगार बना दिया। साल 2021 टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता ने सोमवार को अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था।
मणिपुर में जन्मी मीराबाई ने 48 किलोग्राम वर्ग में 49 किलोग्राम से आगे बढ़ते हुए राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड भी बनाया। बताते चलें कि अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ के नए नियम के अनुसार, अगले लॉस एंजिल्स ओलंपिक में अब 49 किलोग्राम वर्ग को जगह नहीं दी गई है। यही कारण है कि शामिल होने के लिए मीराबाई चानू ने अपना वजन कम किया और 48 किग्रा में वापसी की है।
मीराबाई ने 2017 विश्व चैंपियनशिप में 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि उन्होंने टोक्यो में 49 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था। साल 2018 और 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में दोहरा स्वर्ण जीतने वाली मीराबाई ने पुराने वर्ग में वापसी के बाद शुरुआत में दमदार प्रदर्शन किया।
अपनी इस जीत के लिए मीराबाई चानू ने निरंतर कड़ी मेहनत के साथ कोच के मार्गदर्शन और देशवासियों के समर्थन को सबसे बड़ा सहयोग बताया है। उनका कहना है कि अक्टूबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप की तैयारियों से पहले यह जीत निस्संदेह उन्हें प्रेरित करेगी।















